वोकेशनल ट्रेनर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करेंगे
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य के जिन 200 स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा का कोर्स संचालित किया जा रहा हैं। उन स्कूलों से पांच से सात किलोमीटर की दूरी के अन्य स्कूलों के छात्र-छात्राओं को भी अब व्यावसायिक शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। इन स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित करेंगे। वहीं आसपास के इन स्कूलों के छात्रों को व्यावसायिक प्रयोगशाला तक जाने के लिए हर साल परिवहन के लिए तीन हजार रुपये दिए जाएंगे।
यह हैं हब और स्पोक स्कूल
हब स्कूल ऐसे स्कूल हैं, जिनमें व्यावसायिक शिक्षा की प्रयोगशाला हैं। इन स्कूलों में वोकेशनल ट्रेनर भी हैं। जबकि स्पोक स्कूल, हब स्कूल के पांच से सात किलोमीटर के दायरे के वे स्कूल जिनमें वोकेशनल ट्रेनर नहीं हैं, न ही व्यावसायिक शिक्षा की प्रयोगशाला है। इस योजना से इन स्कूलों के छात्रों को योजना का लाभ मिलेगा।
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उत्तराखंड के लिए शिक्षा परिषद कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। जल्द ही इसे लेकर एक सेवा प्रदाता कंपनी से भी एमओयू होने जा रहा है। इससे राज्य में व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। - डॉ. मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक ,समग्र शिक्षा