युद्ध की विभीषिका के बीच यूक्रेन को अपनी आंखों के सामने बदरंग होते देखने वाले भारतीय छात्र सकुशल अपनों के बीच आकर खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। ऐसे कई छात्र हैं, जो घर में होली और दीपावली मनाने के लिए तरस गए थे।
छात्रों को युद्ध की वजह से बीच में ही पढ़ाई छोड़कर आने का मलाल है तो इस बात की खुशी भी कि इस बार अपनों के बीच होली पर खुशी के रंग खेलेंगे। छात्रों के परिजनों में भी बेहद खुशी का माहौल है। वे भी बच्चों के साथ होली खेलने की तैयारी में जुट गए हैं।
युद्ध के बीच यूक्रेन में दहशत में गुजारे गए एक-एक पल को भारतीय छात्र कभी नहीं भुला सकेंगे। बच्चों के सकुशल वापसी के लिए परिजनों ने पल-पल जो इंतजार किया है, वह भी शायद ही कभी भुला पाएंगे। युद्ध के बीच बच्चों के सकुशल घर पहुंचने की खुशी अभी तक परिजनों के चेहरों पर देखी जा सकती है।
बच्चों के घर पहुंचने पर परिजनों को दुलार कम नहीं हो रहा है। वहीं, परिजन और इस बच्चे इस बात को लेकर खुश हैं कि इस बार वे साथ होली का त्योहार बनाएंगे। कई छात्रों ने परिजनों के साथ कई साल से होली का पर्व नहीं मनाया था।
यूक्रेन में युद्ध के बीच फंसे होने के कारण बहुत डर लग रहा था। सकुशल घर वापसी से खुशी इस बार दोगुनी हो गई है। इस बार परिजनों के साथ होली का पर्व मनाऊंगा, यह सुखद है। परिजनों में भी खुशी है और वह होली की पूरी तैयारी कर रहे हैं।
-आशीष पंवार, छात्र, आकाश दीप एन्क्लेव
इस बार परिजनों के साथ होली मनेगी, जिसे लेकर बहुत खुशी है। पिछले साल परिजनों के साथ होली नहीं मनी थी तो घर को काफी याद किया था। इस बार होली साथ मनाने के लिए पूरी तैयारी है, लेकिन युद्ध के बीच पढ़ाई छूटने का भी मलाल है।
-तमन्ना त्यागी
बेटा मंथन अष्टवाल यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और इस बार उसका चौथा साल है। पिछली बार होली पर वह यूक्रेन में ही था। इस बार वह युद्ध की वजह से होली से पहले घर पर आया है। इसे लेकर बेहद खुशी है। इस बार हमारे साथ होली मनाएगा।
-शशिबाला सुमन, चावमंडी