आश्रम पद्धति विद्यालय त्यूनी में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने पर छात्रों ने भोजन का बहिष्कार कर दिया है। बुधवार सुबह से ही छात्रों ने खाना नहीं खाया है। देर शाम तक स्कूल प्रबंधन छात्रों को मनाने में जुटा रहा, लेकिन छात्र कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं।
आश्रम पद्धति विद्यालय त्यूनी में दो माह से छात्रों को भोजन के नाम पर महज दालभात परोसा जा रहा है। जबकि, मेन्यू के अनुसार छात्रों को रोजाना अलग खान-पान की वस्तुएं परोसने का प्रावधान है। बुधवार की सुबह भी जब नाश्ते में छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं परोसा गया तो उन्होंने भोजन का बहिष्कार कर दिया।
छात्रों का कहना है कि मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिलने तक वह अन्न का एक दाना भी ग्रहण नहीं करेंगे। स्कूल प्रबंधन सुबह से देर शाम तक छात्रों को मनाने में लगा रहा, लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े हुए हैं। बता दें कि समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित इस विद्यालय में 165 छात्र अध्ययनरत हैं।
मंगलवार के अंक में अमर उजाला ने इस खबर को पौष्टिकता के नाम पर खानापूर्ति शीर्षक से प्रकाशित किया था। छात्र चंदन सिंह, शमशेर, अनिल, रमेश और जगदीश का कहना है कि मेन्यू अनुसार उन्हें अलग-अलग दिन नाश्ते के अलावा दोपहर और रात के भोजन में फल, सब्जी, दूध, अंडा, ब्रेड मक्खन देने का प्रावधान है।
छात्रों ने कहा कि मामले में स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत है। यही कारण है कि स्कूल प्रबंधन ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।
अभिभावकों ने किया हंगामा
विद्यालय में छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन न परोसे जाने पर अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने स्कूल में नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया। प्रभारी प्रधानाचार्य ओम प्रकाश द्विवेदी ने अभिभावकों को समझा बुझाकर शांत कराया।
अभिभावकों ने कहा कि मामले में विभागीय अधिकारियों ने कार्रवाई की बात कही थी इसके बावजूद अभी तक छात्रों को भोजन के नाम पर महज दाल-भात परोसा जा रहा है। पौष्टिक आहार न मिलने से छात्रों की सेहत खराब हो रही है। हंगामा करने वालों में अभिभावक सुनील जोशी, विक्रम राणा, नितेश पंवार, प्रदीप कुमार, प्रेम कुमार, राम लाल, नीटू आदि शामिल रहे।
निर्देशों के बाद भी यदि छात्रों को अब तक मेन्यू अनुसार भोजन मिलना शुरू नहीं हुआ है तो ठेकेदार का टेंडर निरस्त किया जाएगा। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देने के लिए प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यागेंद्र रावत संयुक्त निदेशक जनजातीय कल्याण