देहरादून के डाक घरों में बुधवार को काम-काज ठप रहा। विभाग में न चिट्ठियां छंटी और न ही मनीऑर्डर बुक हुए। सबसे ज्यादा दिक्कत जीपीओ में प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म जमा कराने आए अभ्यर्थियों को उठाना पड़ी। गुरुवार को भी हड़ताल जारी है।
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दून में तकरीबन एक हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जीपीओ में इन्होंने दोनों गेट पर नारेबाजी, प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय डाक कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर हो रही इस हड़ताल के चलते बीएसएनएल आफिस में जाने वाले ग्राहकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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चमोली, पिथौरागढ़, टिहरी, अल्मोड़ा समेत कई जिलों में डाकघरों में काम ठप रहा। एमटीएस के प्रांतीय अध्यक्ष प्रेम सिंह पंवार के अनुसार पहले भी कई बार मांगों को लेकर आवाज उठाई जा चुकी है।
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लेकिन अब तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती संघर्ष जारी रहेगा।
यह हैं मुख्य मांगें
- अनुकंपा आधारित नियुक्ति पर सरकार की तरफ से लगाए प्रतिबंध को समाप्त किया जाए
- सभी खाली पदों को भरा जाए, जरूरत के आधार पर पदों का सृजन किया जाए
- सरकारी कामों में आउट सोर्सिंग, ठेकेदारी, प्राइवेटाइजेशन को समाप्त किया जाए
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- दक्षता आधारित वेतन और उत्पादन आधारित बोनस की सीमा बढ़ाई जाए
- ओवर टाइम अलाउंस, नाइट् ड्यूटी अलाउंस, कपड़े की दरें संशोधित की जाएं
- सभी कर्मचारियों को पांच प्रमोशन आवश्यक रूप से दिए जाएं, पेंशन सुनिश्चित हो