हिमालय यात्रा के दौरान उत्तराखंड से स्वामी विवेकानंद की काफी खास यादें जुड़ी हुई हैं। वह 1898 में कई दिनों तक अल्मोड़ा के ऐतिहासिक थॉमसन हाउस में ठहरे थे।
यही नहीं उनके द्वारा शुरूकी गई मासिक पत्रिका प्रबुद्ध भारत के कई अंक अल्मोड़ा के इसी थॉमसन हाउस से निकले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम हस्तियां स्वामी विवेकानंद को अपना आदर्श मानती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि उनके जीवन से जुड़े इस थॉमसन हाउस को संरक्षित करने के प्रयास किसी सरकार ने नहीं किए, जबकि इसे स्मारक का रूप देकर पर्यटकों के लिए दर्शनीय स्थल बनाया जा सकता है।
स्वामी विवेकानंद को अल्मोड़ा बहुत प्रिय था और वह अपने जीवनकाल में चार बार अल्मोड़ा आए। 1898 जब स्वामी विवेकानंद तीसरी बार अल्मोड़ा आए तो वह आकाशवाणी के निकट स्थित अपने एक शिष्य कैप्टन सेवियर के घर थॉमसन हाउस में ठहरे थे। बता दें कि स्वामी विवेकानंद ने लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से 1896 में प्रबुद्ध भारत नामक मासिक पत्रिका का प्रकाशन शुरू करवाया था।
बाद में सेवियर के प्रयासों से लोहाघाट के मायावती नामक स्थान पर आश्रम की स्थापना की गई और उन्होंने इस मशीन को भी वहीं शिफ्ट किया। 1899 से प्रबुद्ध भारत पत्रिका का प्रकाशन मायावती आश्रम में होने लगा। सेवियर दंपति के जाने के बाद अल्मोड़ा का थॉमसन हाउस भी वीरान रहने लगा।