हिमालय की तलहटी वाले शिवालिक क्षेत्र में जिराफ की उत्पत्ति हुई थी, लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण वे यहां से पलायन कर गए।
इस वक्त हिमालयी क्षेत्र में एक भी जिराफ नहीं है। इसी तरह तीन खुर वाले घोडे़ हिपेरियन की उत्पत्ति भी शिवालिक क्षेत्र में हुई थी, लेकिन जैसे ही इस क्षेत्र की जलवायु बदली हिपेरियन का अस्तित्व भी समाप्त हो गया। शिवालिक क्षेत्र में इन दोनों वन्य जीवों के एक करोड़ 20 लाख साल पुराने जीवाश्म मिले हैं।
भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण की टीम वैसे तो पुरा मानव विज्ञानी और जीवाश्म विशेषज्ञ डॉ. एआर संख्यान की अगुवाई में कपि मानव और आदि मानव के जीवाश्म खोजने के लिए शिवालिक क्षेत्र में निकली थी, लेकिन जिराफ और हिपेरियन घोड़े के जीवाश्म उनके हाथ लगे जिसने अमेरिका और एशिया के विज्ञानियों को हैरत में डाल दिया।