नौ लाख रुपये जमा कर रकम बचाने का दिया झांसा
अब उन्हें विश्वास हो गया कि कमाई हो रही है। इस तरह उनसे मेरठ, गुजरात, पश्चिम बंगाल आदि जगहों के बैंक खाते में 34 लाख रुपये से ज्यादा जमा करा लिए। अब उनके खाते में 1.80 लाख रुपये का मुनाफ दर्शाया जाने लगा। 23 मई 2024 को यह मुनाफ बढ़कर 2.26 करोड़ रुपये दर्शाया जाने लगा। इसके बाद उन्हें बताया गया कि एक आईपीओ निकल रहा है, जिसमें उनका पैसा निवेश किया जा रहा है। लेकिन, थोड़ी ही देर बाद पता चला कि आईपीओ ओवररेट हो गया, लिहाजा अब रकम नहीं निकाली जा सकती।
अकाउंट माइनस में चला गया। इसे बचाने के लिए 98 लाख रुपये जमा करने होंगे। पीड़ित ने यह रकम जमा करने से साफ इन्कार कर दिया। इस पर उन्हें केवल नौ लाख रुपये जमा कर अपनी रकम बचाने का झांसा दिया गया। यह रकम व्यक्ति ने जमा कर दी। कुल मिलाकर उनसे 43 लाख रुपये जमा करा लिए गए, लेकिन फायदे के तौर पर एक रुपया भी नहीं दिया गया।
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लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी
एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। इसमें बैंक खातों और मोबाइल नंबर आदि की जांच की गई। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी। लेकिन, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। इस बीच एक आरोपी समीर दिलावर पटेल का नाम सामने आया। एसटीएफ की टीम पिछले दिनों गुजरात के अमरौली पहुंची और यहां के श्रीराम चौक से समीर दिलावर पटेल को गिरफ्तार कर लिया।