फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: संभलकर...स्टॉक ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच पड़ सकता है भारी, हरिद्वार में 43 लाख ठगने वाला गिरफ्तार

Wed, 28 Aug 2024 09:47 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

स्टॉक ट्रेडिंग में मुनाफा कराने के नाम पर हरिद्वार के व्यक्ति से 43 लाख ठग लिए गए। आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया गया है।
विज्ञापन
फ्रॉड - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

स्टॉक ट्रेडिंग में मुनाफा कराने के नाम पर हरिद्वार के व्यक्ति से 43 लाख रुपये ठगने के आरोप में एसटीएफ ने गुजरात के एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन व अन्य सामग्री बरामद हुई है। पीड़ित को ट्रेडिंग में करोड़ों का मुनाफा दर्शाकर यह रकम ठगी गई थी। एसटीएफ ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

विज्ञापन


एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि हरिद्वार के रुड़की निवासी एक व्यक्ति ने जून में शिकायत की थी। बताया था कि उनकी इंस्टाग्राम आईडी पर एक स्टॉक ट्रेडिंग से संबंधित मैसेज आया था। उन्होंने इसमें रुचि दिखाई तो उन्हें व्हाट्सएप के दो ग्रुप पर जोड़ लिया गया। इन ग्रुप पर उन्हें ट्रेडिंग में अच्छा खासा मुनाफ कमाने का प्रलोभन दिया जाने लगा।

कुछ दिन बाद ठगों ने उन्हें एक वेबसाइट और उसकी लॉगइन आईडी उपलब्ध कराई। इस पर उनका ट्रेडिंग अकाउंट भी खुलवाया गया। इसमें उनसे पहले कुछ हजार रुपये जमा कराए गए और बताया गया कि वह अपने मुनाफे की रकम सुबह नौ बजे से शाम साढे़ तीन बजे तक निकाल सकते हैं। शुरुआत में उन्हें दो हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जो उन्होंने निकाल भी लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

नौ लाख रुपये जमा कर रकम बचाने का दिया झांसा
अब उन्हें विश्वास हो गया कि कमाई हो रही है। इस तरह उनसे मेरठ, गुजरात, पश्चिम बंगाल आदि जगहों के बैंक खाते में 34 लाख रुपये से ज्यादा जमा करा लिए। अब उनके खाते में 1.80 लाख रुपये का मुनाफ दर्शाया जाने लगा। 23 मई 2024 को यह मुनाफ बढ़कर 2.26 करोड़ रुपये दर्शाया जाने लगा। इसके बाद उन्हें बताया गया कि एक आईपीओ निकल रहा है, जिसमें उनका पैसा निवेश किया जा रहा है। लेकिन, थोड़ी ही देर बाद पता चला कि आईपीओ ओवररेट हो गया, लिहाजा अब रकम नहीं निकाली जा सकती।

अकाउंट माइनस में चला गया। इसे बचाने के लिए 98 लाख रुपये जमा करने होंगे। पीड़ित ने यह रकम जमा करने से साफ इन्कार कर दिया। इस पर उन्हें केवल नौ लाख रुपये जमा कर अपनी रकम बचाने का झांसा दिया गया। यह रकम व्यक्ति ने जमा कर दी। कुल मिलाकर उनसे 43 लाख रुपये जमा करा लिए गए, लेकिन फायदे के तौर पर एक रुपया भी नहीं दिया गया।

ये भी पढ़ें...Uttarkashi:  वरुणावत पर्वत ने 21 साल बाद फिर डराया, वर्ष 2003 में हुए भूस्खलन की कड़वी यादें हुईं ताजा

लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी

एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि साइबर थाना पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। इसमें बैंक खातों और मोबाइल नंबर आदि की जांच की गई। एसटीएफ ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी। लेकिन, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। इस बीच एक आरोपी समीर दिलावर पटेल का नाम सामने आया। एसटीएफ की टीम पिछले दिनों गुजरात के अमरौली पहुंची और यहां के श्रीराम चौक से समीर दिलावर पटेल को गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें