ऐसे हुई थी गलती
दरअसल, नगर निगम के वार्ड के नक्शे मैन्युअल तरीके से बनाए जाते हैं। इसमें सेटेलाइट का भी सहारा लिया जाता है साथ ही कई लोग बैठकर वार्ड में मोहल्लों की भौगोलिक स्थिति का आंकलन कर वार्ड का सीमांकन करते हैं। लेकिन जल्दबाजी में नक्शा बनाने वालों ने सिर्फ सेटेलाइट के भरोसे वार्ड का सीमांकन कर दिया। ऐसे में कई मोहल्लों की गलियां इधर से उधर हो गईं। निवर्तमान पार्षदों को अपने वार्ड की भौगोलिक स्थितियों का अच्छा अंदाजा है, ऐसे में जब लोगों ने प्रस्तावित नक्शों को देखा तो उन्होंने इसे निगम के अधिकारियों की मिलीभगत समझा।
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वार्ड परिसीमन के अनंतिम प्रकाशन और वार्ड के प्रस्तावित नक्शों में भिन्नता गूगल मैप की गलती की वजह से हुई थी। इसको ठीक कराया जा रहा है। अनंतिम सूची के प्रकाशन पर ही आपत्तियां मांगी गई थी और उनके हिसाब से ही सुनवाई की गई। प्रस्तावित सूची से नक्शे भिन्न नहीं होंगे।
-गौरव कुमार, नगर आयुक्तI