भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने राज्य सरकार पर आपदा राहत राशि में बंदरबांट के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार नकारा साबित हुई है। मौजूदा हालातों के मद्देनजर उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है।
बृहस्पतिवार को शहर में पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन की मांग की।
सरकार बांट रही विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में एक प्रतिनिध मंडल जल्द ही राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। पत्रकार वार्ता में रावत ने कहा कि आपदा के चार महीने बाद भी प्रभावितों की स्थिति जस की तस है।
मगर राज्य सरकार हालात सुधारने के बजाए करोड़ों के विज्ञापन बांट रही है। उन्होंने राज्य सरकार पर आपदा राहत राशि की बंदरबांट का आरोप लगाया। रावत के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी कारण पूर्व घोषित सहायता देने से इनकार कर दिया।
राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया
रावत ने खनन को निजी हाथों में सौंपे जाने पर भी राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि खनन को निजी हाथों में सौंपने से अपराधों में बढ़ोत्तरी होगी।
सरकार के मंत्री व विधायक ही इसे लेकर आपस में भिड़ रहे हैं। रावत ने लोकसभा चुनावों की तैयारी पर भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि पार्टी घर-घर चलो, गांव-गांव चलो अभियान शुरू कर रही है। इसके लिए जिलों में प्रशिक्षण केंद्र भी चलाए जाएंगे।
इस मौके पर राजकुमार पौरी, जितेंद्र रावत, अनूप बहुगुणा, अवनीश सडाना, सूरज घिल्डियाल, अतर सिंह असवाल, विकास कुकरेती, राकेश ध्यानी, छात्रसंघ अध्यक्ष विनीत पोस्ती, सुधीर जोशी, प्रमोद बलूनी, शैलेश मलासी आदि मौजूद थे।