दूसरी बैठक बुलाने का लिया था निर्णय
इसके साथ ही समिति का कार्यकाल 15 दिन तय किया था। विधानसभा सचिवालय ने 11 सितंबर को प्रवर समिति के गठन की अधिसूचना जारी की। 18 सितंबर को संसदीय कार्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रवर समिति की पहली बैठक में आरक्षण बिल पर मंथन हुआ। सदस्यों ने राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों में तलाकशुदा व परित्यक्ता बेटियों को शामिल करने का सुझाव दिया, लेकिन समिति ने सुझावों पर निर्णय लेने के लिए दूसरी बैठक बुलाने का निर्णय लिया था।
प्रवर समिति अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचीं : अग्रवाल
राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को आरक्षण बिल पर प्रवर समिति की पहली बैठक हो चुकी है, लेकिन समिति अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंची है। समिति को 15 दिन का समय मिला था, जो 25 सितंबर को पूरा हो रहा है। समिति तय समय में रिपोर्ट देने की स्थिति में नहीं है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष से समिति का कार्यकाल बढ़ाने का आग्रह किया गया है। - प्रेमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष, प्रवर समिति
प्रवर समिति की ओर से कार्यकाल बढ़ाने का आग्रह किया था। इस पर समिति का कार्यकाल एक माह बढ़ाने की अनुमति दी गई है। -ऋतु खंडूड़ी भूषण, अध्यक्ष विधानसभा
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समिति में ये सदस्य
प्रवर समिति में विधायक मुन्ना चौहान, विनोद चमोली, उमेश शर्मा काऊ, भुवन कापड़ी, मनोज तिवारी, मोहम्मद शहजाद शामिल हैं।