राज्य मिनी विद्यालयी एथलेटिक्स एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के पहले ही दिन भारी अव्यवस्थाएं देखने को मिली। हरिद्वार के दयानंद स्टेडियम में बुधवार से शुरू हुई चार दिवसीय प्रतियोगिता में दौड़ लगाते समय कई बच्चे ट्रैक पर गिरकर बेहोश हो गए। राज्य स्तर की प्रतियोगिता मेें करीब 1200 खिलाड़ी पहुंचे हुए हैं। लेकिन, मौके पर एक एंबुलेंस तक की व्यवस्था नहीं की गई।
उद्घाटन देरी से हुआ
प्रतियोगिता दस बजे शुरू होनी थी। बच्चे सुबह 9.30 बजे से मैदान में बुला लिए थे। लेकिन उद्घाटन काफी देरी से हुआ। जिसके कारण प्रतियोगिता दोपहर एक बजे शुरू हो पाई। धूप में खडे़ भूखे-प्यासे बेहाल हो चुके बच्चे दौड़ के दौरान चक्कर खाकर बेहोश होने लगे। संबंधित स्कूलों के शिक्षक बेहोश और चक्कर खाकर गिरे बच्चों को अपने-अपने शिविरों में ले गए। वहां उन्हें पानी पिलाकर लेटा दिया गया।
लापरवाही का हाल यह रहा कि प्रतियोगिता के लिए कबड्डी का मैदान तक तैयार नहीं किया गया था। मिट्टी खोदकर भुरभरा बनाने के बजाए हार्ड जमीन पर कबड्डी खिलाई गई। जिसके चलते कई खिलाड़ी चोटिल हुए। खिलाड़ियों के घुटने और कोहनी आदि बुरी तरह छिल गए। कई खिलाड़ी चोट लगने के डर से खुलकर नहीं खेल पाए।
राज्य स्तरीय मिनी विद्यालयी एथलेटिक्स एवं सांस्कृतिक क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन की आस में प्रदेश के 1200 बच्चे तीन घंटे तक धूप में तड़पते रहे। पहले मंत्री का इंतजार और बाद में भाषणबाजी हुई। 9.30 बजे से मैदान में बैठे बच्चों की प्रतियोगिता की पहली गतिविधि एक बजे शुरू कराई गई।
1200 बच्चे थे मौजूद
शिक्षा विभाग की राज्य प्रतियोगिता का उद्घाटन दयानंद स्टेडियम में 10 बजे किया जाना था। जिसके चलते प्रदेश के 13 स्कूलों के करीब 1200 बच्चे 9.30 बजे मैदान में अपने-अपने जनपदों के बैनर के साथ पहुंच गए। मुख्य अतिथि मंत्री प्रसाद नैथानी को स्टेडियम के पास स्थित होटल में चाय-नाश्ता कराने के बाद पौने 12 बजे मैदान में लाया गया।
अधिकारी रहे मौके पर
इसके बाद भाषण बाजी का दौर चला। प्रतियोगिता की पहली गतिविधि 600 मीटर सब-जूनियर दौड़ दोपहर 1.07 से शुरू हुई। उद्घाटन कार्यक्रम में मंत्री प्रसाद नैथानी, विधायक हरिदास, विधायक आदेश चौहान, माध्यमिक शिक्षा निदेशक चंद्र सिंह ग्वाल, बेसिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर, सीइओ आरके उनियाल, डीइओ माध्यमिक कंचन देवराड़ी, डीइओ बेसिक पुष्पारानी वर्मा, दिनेश डिमरी, कुशला प्रसाद, वीएस चतुर्वेदी, अशोक चौहान, हरेंद्र सैनी, बालेश चौधरी, राजेश सैनी और सुखबीर सिंह उपस्थित रहे
साउंड सिस्टम फेल, छात्राएं निराश लौटी
हरिद्वार। साउंड सिस्टम के साथ गढ़वाली नृत्य प्रस्तुत करने आई एसडीपीसी स्कूल रुड़की की 12 छात्राएं सिस्टम के काम नहीं करने से मायूस हुई। रंग-बिरंगी वेषभूषा और मेकअप में आई छात्राएं नृत्य की प्रस्तुति नहीं होने से मुंह लटकाए लौट गई। माता वैष्णोदेवी पब्लिक स्कूल और सेंट थॉमस लक्सर की बालिकाओं ने कहा, कई दिन तक रिहर्सल कर सुबह यहां पहुंची लेकिन सब बेकार गया।
बेसिक और माध्यमिक के बीच खाई
मंच पर बैठे सभी अतिथियों को प्रतियोगिता का बैज लगाने के साथ ही निदेशक बेसिक शिक्षा को भी सम्मान स्वरूप बैज लगाया। लेकिन, माध्यमिक शिक्षा निदेशक को आयोजकों ने बैज नहीं दिया। दो घंटे बाद शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने बैज लगाकर सम्मानित किया। डीईओ माध्यमिक को मंच पर सम्मान नहीं दिया। न उनका नाम पुकारा गया। उद्घाटन समारोह में बेसिक और माध्यमिक के बीच की खाई स्पष्ट दिखाई दी।
जिंदगी एक टेस्ट इससे डरने वाले बेकार
मंत्री प्रसाद नैथानी ने खाने के बाद खिलाड़ियों को अपने आर्शीवचन में कहा कि खेलकूद ही नहीं पूरा जीवन एक टेस्ट है। जो कंपीटीशन या परीक्षा से डरते हैं वे जिंदगी में कुछ नहीं कर पाते।
पूरे प्रदेश में एक यूनिफार्म हो
विधायक झबरेड़ा विधानसभा हरिदास ने बच्चों को देखकर शिक्षामंत्री से कहा कि सरकार की ओर से यूनिफॉर्म के लिए करोड़ों रुपये दिया जाता है लेकिन बच्चे यूनिफॉर्म में नहीं दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में एक ही तरह की यूनिफॉर्म लागू करने की मांग की। शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने उनकी सलाह को तवज्जो देने का भरोसा दिया।