एक विश्वविद्यालय में दो परीक्षा पैटर्न के खिलाफ मंगलवार को आर्यन संगठन ने आंदोलन शुरू कर दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने विवि के दून विवि स्थित कैंप कार्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने कुलपति के नाम ज्ञापन देते हुए निजी कॉलेजों से भी सेमेस्टर सिस्टम हटाने की मांग की।
श्रीदेव सुमन विवि ने हाल ही में अकादमिक परिषद की बैठक में सेमेस्टर सिस्टम पर फैसला लिया है। इसके तहत 52 सरकारी महाविद्यालयों से तो सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर दिया गया है और करीब 110 निजी कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम को लागू रखा गया है। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में यह मुद्दा उठाया था।
मंगलवार को आर्यन छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने डीएवी पीजी कॉलेज के पूर्व महासचिव शूरवीर चौहान के नेतृत्व में श्रीदेव सुमन विवि के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद कैंप कार्यालय में मौजूद विवि के अधिकारी सुनील नौटियाल को कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कुलपति से फोन पर छात्रों की वार्ता कराई।
छात्रों ने कुलपति से तत्काल निजी कॉलेजों से सेमेस्टर सिस्टम खत्म करने की मांग की। ऐसा न करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी। प्रदर्शन में संदीप कुकरेती, सुमित, आशीष रावत, संजय चंद, शशांक सती, नैन सिंह चौहान आदि छात्र मौजूद रहे।
एसोसिशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने उठाए सवाल
एसोसिएशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस इंस्टीट्यूट ने भी छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल का कहना है कि एक ओर विवि के कुलपति का कहना है कि चूंकि कुमाऊं विवि सेमेस्टर सिस्टम खत्म कर चुका है। एक प्रदेश में दो तरह की परीक्षा प्रणाली नहीं चल सकती, इसलिए सेमेस्टर सिस्टम खत्म किया गया है, लेकिन सवाल यह है कि इसके बावजूद श्रीदेव सुमन विवि में ही दो तरह की परीक्षा प्रणाली लागू की गई है।