गलत मूल्यांकन छात्रों के भविष्य से खिलवाड़
अपने अंतरिम आदेश में आयोग ने कहा कि प्रश्नगत उत्तर पुस्तिका के अवलोकन से विदित होता है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही नहीं किया गया है। प्रेषित सूचना के परीक्षण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि उत्तर पुस्तिका में कई प्रश्नों को परीक्षक की ओर से जांचा ही नहीं गया। प्रेषित सूचना का मूल उत्तर पुस्तिका से मिलान किये जाने पर गैर जिम्मेदाराना मूल्यांकन की पुष्टि होती है। सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने कहा कि परीक्षक की ओर से सही मूल्यांकन न किया जाना उत्तर पुस्तिका में लिखे प्रश्नों के उत्तरों की जांच न किया जाना, गलत अंक दिया जाना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
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उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लापरवाही या जानबूझकर की गई गड़बड़ी किसी भी दशा में स्वीकार्य नहीं हो सकती। एक ओर जब मूल्यांकन की पारदर्शी व्यवस्था की जरूरत पर बल दिया जा रहा है, वहीं राज्य के विवि में मूल्यांकन की गैर जिम्मेदाराना व्यवस्था विवि की कार्य संस्कृति एवं विश्वसनीयता पर सवाल खडे़ करती है। आयोग ने शिकायतकर्ता के क्षतिपूर्ति दिलाने के अनुरोध पर कुलपति से आगामी सुनवाई में ये स्पष्टीकरण की अपेक्षा की है कि क्यों न विवि पर क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाए।