यूकेएसएसएससी : आठ भर्तियों में 249 डिबार, 65 को स्टे
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के स्नातक स्तरीय भर्ती में 112, वन दरोगा ऑनलाइन भर्ती में 20, सचिवालय रक्षक भर्ती में 14, वीपीडीओ भर्ती में 34, वन आरक्षी भर्ती में 47, तकनीशियन ग्रेड-2 भर्ती में छह, कनिष्ठ सहायक में एक और सहायक अध्यापक एलटी भर्ती में 15 मिलाकर 249 अभ्यर्थियों को पेपर लीक का आरोपी मानते हुए पांच-पांच साल के लिए डिबार कर दिया था। इनमें से करीब 65 अभ्यर्थी हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे, जिसके बाद सशर्त भर्तियों में शामिल हो सकते हैं।
मुलजिम नहीं बने तो मिल गई राहत
दोनों आयोगों ने 375 अभ्यर्थियों को कई भर्तियों में पेपर लीक का आरोपी मानते हुए डिबार किया, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में इन्हें मुलजिम नहीं बनाया। इनमें से तमाम छात्रों को सरकारी गवाह बना दिया गया। आयोग से सूची जारी होने के बाद जब अभ्यर्थी इसके खिलाफ हाईकोर्ट गए तो पुलिस वहां समय पर इनके पेपर लीक में शामिल होने का प्रमाण भी नहीं दे पाई। इन सभी आधार पर हाईकोर्ट से अभ्यर्थियों को राहत मिल गई थी।
आंतरिक जांच के सभी सबूत करेंगे कोर्ट में पेश
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया का कहना है कि आंतरिक जांच के आधार पर तमाम ऐसे सबूत हैं जो डिबार अभ्यर्थियों को पेपर लीक में शामिल होने का प्रमाण हैं। लिहाजा, हमने तय किया कि जल्द ही हाईकोर्ट के समक्ष सभी सबूत पेश किए जाएंगे, जिससे इन अभ्यर्थियों का डिबार का आदेश जारी रहे। उधर, राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अधीन ही अभ्यर्थियों को मौका मिला है। आदेश जो भी होगा, उसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।