यह है जोन और सेक्टर व्यवस्था
- हरिद्वार के शंकराचार्य चौक से पंतदीप पार्किंग तक के मार्ग को प्रथम जोन बनाया गया है।
- जयराम मोड़ से सप्तऋषि फ्लाईओवर तक दूसरा जोन है। इसमें छह सेक्टर बनाए गए हैं।
- देहरादून के रायवाला क्षेत्र के सप्तऋषि बॉर्डर से लालतप्पड़ तक एक जोन और ऋषिकेश के नेपाली फार्म से चंद्रभागा पुल तक के मार्ग को तीसरा जोन बनाया गया है। इनके अंतर्गत सात सेक्टर आएंगे।
- टिहरी में यात्रा मार्ग पर अधिक दबाव रहता है। यहां ढालवाला, मुनिकीरेती और तपोवन से व्यासी तक के मार्ग पर तीन जोन रहेंगे। इसमें कुल 10 सेक्टर बनाए गए हैं।
- पौड़ी जिले के अंतर्गत लक्ष्मण झूला में एक जोन और पांच सेक्टर रहेंगे।
बाहर से आने वाले वाहनों के लिए रूट
- दिल्ली-मेरठ से आने वाले हल्के वाहन मुजफ्फरनगर, मंगलौर से नगला इमरती राष्ट्रीय राजमार्ग-334 से रुड़की बाईपास के रास्ते कोर कॉलेज से ख्याति ढाबा के सामने से हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश पहुंचेंगे।
- यमुनानगर-सहारनपुर से आने वाले वाहनों को भगवानपुर से इमलीखेड़ा होते हुए बहारदाबाद की ओर से हरिद्वार की ओर भेजा जायेगा।
- मुरादाबाद-बिजनौर-नजीबाबाद से आने वाले हल्के वाहन चंडी चौकी से हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश की ओर भेजे जाएंगे।
दबाव बढ़ने पर रूट डायवर्जन व्यवस्था
- यातायात दबाव अधिक होने पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को सप्तऋषि-रायवाला-नेपालीफार्म-श्यामपुर चौकी-नटराज चौक-ढालवाला चौकी-भद्रकाली-तपोवन तिराहा-तपोवन चौकी-ब्रह्मपुरी-शिवपुरी से गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।
- ऋषिकेश के श्यामपुर रेलवे क्रासिंग पर अधिक दबाव होने पर वाहनों को सप्तऋषि-रायवाला-नेपालीफार्म-लालतप्पड़-भानियावाला-रानीपोखरी- नटराज चौक-ढालवाला चौकी-भद्रकाली-बाईपास रोड होते हुए तपोवन तिराहा-तपोवन चौकी-ब्रह्मपुरी-शिवपुरी से गंतव्य की ओर भेजा जाएगा।
- श्रद्धालुओं को यात्रा पूरी करने के बाद शिवपुरी/नीलकंठ-ब्रह्मपुरी तिराहा-गरुड़चट्टी-बाईपास रोड होते हुए पशुलोक बैराज-चीला से हरिद्वार की ओर भेजा जाएगा।
रात दस से तड़के चार बजे तक नहीं चलेंगे वाहन
डीजीपी ने बताया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात की निगरानी कंट्रोल रूम ऋषिकेश और मुनिकीरेती से की जाएगी। यात्रियों के वाहनों का आवागमन रात दस से तड़के चार बजे तक प्रतिबंधित रहेगा। इन रूटों पर भारी वाहनों का आवागमन सुबह छह से रात दस बजे तक बंद रहेगा। ई-रिक्शा/तिपहिया वाहन हर समय प्रतिबंधित रहेंगे।