पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने प्रदेश भर के जमीन, बैंक फ्रॉड के अलावा दूसरे बड़े आर्थिक अपराधों की जांच के लिए मंगलवार को स्पेशल सेल गठित कर दी। केबिनेट द्वारा आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा गठन के फैसले के अमल में आने तक यह सेल काम करेगी।
प्रदेश के बड़े जमीन और बैंक घोटालों की जांच करने के साथ रेंज स्तर पर गठित एसआईटी (जमीन) के कार्यों का पर्यवेक्षण भी यही सेल करेगी। पुलिस मुख्यालय में तैनात आईजी दीपम सेठ को सेल का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा तक नहीं
देश के अन्य राज्यों की तरह सूबे में आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा अभी अस्तित्व में नहीं है। लोकल स्तर पर एसआईटी अथवा एसटीएफ से उसकी विवेचना कराई जाती रही है। हाल ही में केबिनेट की बैठक में आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा के गठन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई थी। लेकिन उसकी प्रक्रिया पूरी होने में समय संभावित है।
इसी बीच पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने मंगलवार को ईएलडब्लू के अस्तित्व में आने तक मुख्यालय स्तर पर आर्थिक अपराधों की जांच के लिए स्पेशल सेल गठित करते हुए प्रदेश भर के बड़े मामलों के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी भी उसे सौंप दी।
डीजीपी ने बताया कि रेंज स्तर पर गठित एसआईटी अपना काम करती रहेगी, लेकिन उनका पर्यवेक्षण स्पेशल सेल के आईजी करेंगे, ताकि किसी तरह की आशंका ना रहे।