लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की पांचों सीटें हारने वाली कांग्रेस विधानसभा के उपचुनाव को लेकर खासी गंभीर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शनिवार को सोनिया गांधी से मिलने पहुंची वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश से उन्होंने उपचुनाव को लेकर विस्तार से चर्चा की।
उत्तराखंड में कांग्रेस अपनी खिसकी राजनैतिक जमीन की वापसी के साथ संख्या बल में भी मजबूती चाह रही है।
कांग्रेस को अगले तीन साल प्रदेश में सरकार और दबदबा कायम रखने के लिए तीनों ही सीटें जीतनी होगी। ताकि सरकार पर लगातार बना सहयोगियों का दबाव भी समाप्त हो सके।