संतान को ममतामयी सानिध्य प्रदान करने वाली मां का क्या महात्म्य है, यह कोई रोहतक निवासी शिवभक्त प्रदीप पांचाल से जाने।
खासकर बुजुर्ग मां-बाप को बेघर करने या वृद्धाश्रमों में अपने हाल पर छोड़ने वाली संतानों के लिए तो वह किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं।
श्रावण यात्रा के दृष्टिगत इन दिनों नीलकंठ पैदल मार्ग पर भोले बाबा के दर्शन के लिए शिव भक्तों की आमद बढ़ गई हैं।
भक्ति के भिन्न-भिन्न रूप दिखाई पड़ रहे हैं। बाबा के भक्त बम-बम भोले के जयघोष के साथ कष्टकारी यात्रा कर रहे हैं।