वहीं मौनी अमावस्या के अवसर पर भी एक फरवरी को स्नान होगा। जिसके चलते दोनों दिन श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ उमड़ने की संभावना है। वाहनों की पार्किंग पंत दीप पार्किंग, पंडित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग व गड्ढा पार्किंग में की जा रही है। इस बार बॉर्डर पर कोई सख्ती भी नहीं बरती गई है। वहीं हरकी पैड़ी क्षेत्र में भी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।
पुलिसकर्मी कर रहे मास्क लगाने की अपील
सोमवती अमावस्या पर स्नान करने के लिए वाले श्रद्धालुओं से मास्क लगाने व सामाजिक दूरी का पालन करने की अपील गंगा घाटों पर तैनात पुलिसकर्मी कर रहे हैं। इसके साथ ही कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की जा रही है।
चौराहों पर लगाई ड्यूटी
एसपी ट्रैफिक मनोज कात्याल ने बताया कि स्नान के अवसर पर शहर व हाईवे के प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस के सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है। प्रेमनगर आश्रम, शंकराचार्य, चंड़ी घाट चौक, समेत अन्य जगहों पर विशेष ड्यूटी भी लगाई गई है।
सोमवती अमावस्या के स्नान को लेकर बॉर्डर पर नियमित चेकिंग हो रही है। डबल डोज का सर्टिफिकेट दिखाने या आरपीटीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही जिले में एंट्री दी जा रही है।
- डॉ. योगेंद्र कुमार रावत, एसएसपी हरिद्वार
सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों का नारसन बॉर्डर पर भारी रेला उमड़ पड़ा। इस बीच पुलिस भी अलर्ट रही और हर आने वाले वाहन की गहनता से तलाशी ली। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना रैपिड एंटीजन जांच की गई। दस लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। जिन्हें बॉर्डर से ही वापस भेज दिया गया है।
सोमवार को सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान को देखते हुए नारसन बॉर्डर पर रविवार की रात से पुलिस का कड़ा पहरा कर दिया गया। पुलिस रात से ही बॉर्डर पर सघन चेकिंग करती नजर आई। सोमवार की सुबह को बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की बॉर्डर पर भीड़ उमड़ पड़ी। सोमवार की सुबह से ही दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में लोग नारसन बॉर्डर पर पहुंचे।
बॉर्डर पर संयुक्त जांच चौकी पर बने कोविड जांच केंद्र पर यात्रियों की कोविड रैपिड एंटीजन जांच की गई। जांच के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश दिया गया। वहीं, बॉर्डर पर जिन यात्रियों के पास आरटीपीसीआर की 72 घंटे की निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र था, उन्हें बिना किसी जांच के प्रवेश दिया गया।
बॉर्डर पर यात्रियों की पुलिस से हुई नोकझोंक
नारसन बॉर्डर पर पुलिस हर वाहन की चेकिंग कर रही थी। साथ यात्रियों को कोरोना जांच कराने के लिए बोल रही थी। इस बीच कुछ यात्रियों ने कोरोना जांच कराने से इनकार कर दिया और बिना जांच के ही बॉर्डर पार करने लगे। इस पर पुलिस और पीआरडी के जवानों ने उन्हें रोक लिया। जिसे लेकर उनकी पुलिस और पीआरडी जवानों से नोकझोंक हो गई। बावजूद इसके उन्हें बिना जांच के प्रवेश नहीं दिया गया।