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उत्तराखंड के स्मार्ट शहर में आड़े आई जनसंख्या

Tue, 07 Oct 2014 01:21 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के स्मार्ट शहरों पर जनसंख्या मानक की कुहासा छाने की आशंका है। केंद्र के रुख को देखते हुए प्रदेश सरकार ने जनसंख्या के मानक में ढील देने का आग्रह भी किया है।
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मुसीबत यह है मानकों को लेकर तस्वीर पूरी तरह से साफ नही है और ऐसे में राज्य सरकार भी पुरजोर पैरवी नहीं कर पा रही है।

पहले चरण में 44 स्मार्ट शहर होंगे विकसित
शहरी विकास मंत्रालय के कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक पहले चरण में 44 स्मार्ट शहर विकसित किए जाने है। अभी तक जो संकेत है उसके हिसाब से स्मार्ट शहर की पहली खेप दस लाख की जनसंख्या वाले या फिर धार्मिक, ऐतिहासिक शहरों को शामिल किया जाएगा। इसमें राज्यों की राजधानी को शामिल करने की बात है।

ऐसे में उत्तराखंड से देहरादून और हरिद्वार का दावा बनता है। पर इसमें जनसंख्या का मानक आड़े आ रहा है। दस लाख की जनसंख्या न देहरादून शहर की है और न हरिद्वार शहर की है। इस स्थिति को देखते हुए अब प्रदेश सरकार ने केंद्र से पहाड़ और मैदान की अलग-अलग स्थिति को देखते हुए जनसंख्या के मानक में रियायत का आग्रह किया है।
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शहरी विकास मंत्री प्रीतम पंवार के मुताबिक अधिक जनसंख्या अगर मानक रहा तो पहाड़ का एक भी शहर स्मार्ट शहर केमानक में नहीं आ पाएगा। स्मार्ट शहरों को लेकर सभी राज्यों में हाड़ मची हुई है। बिहार 20 स्मार्ट शहर मांग रहा है तो आंध्र प्रदेश 14 शहरों की आस लगाए हुए हैं। ऐसे में उत्तराखंड की भी कोशिश है कि अधिक से अधिक स्मार्ट शहर मिल जाए।

अभी केंद्र की गाइडलाइन मिली नही है। फिर भी केंद्रीय शहरी विकास मंत्री से जनसंख्या मानक में ढील देने का आग्रह किया गया है। कारण यह भी है कि पहाड़ों के शहरों की जनसंख्या बेहद कम होती है और इस वजह से पहाड़ का एक भी शहर इस मानक में चुना नहीं जाएगा।
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- प्रीतम पंवार, शहरी विकास मंत्री
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