उत्तराखंड में आपदा के नौ माह बाद गौरीकुंड बस अड्डे के निकट आपदा से क्षतिग्रस्त भवनों के मलबे से क्षत-विक्षत मानव कंकाल मिला है। कंकाल केदारनाथ जलप्रलय में मारे गए किसी मनुष्य का माना जा रहा है।
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पिछले वर्ष जून माह में आए जलप्रलय में गौरीकुंड बस अड्डा ध्वस्त हो गया था। इन दिनों लोनिवि ऊखीमड डिवीजन के मजदूर ध्वस्त बस अड्डे से ऊपर रास्ता बना रहे हैं।
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मजदूर क्षतिग्रस्त भवनों का मलबा साफ कर रहे हैं। बुधवार को काम करने के दौरान मानव कंकाल दिखाई दिया।
महिला या पुरुष का, पता नहीं
चौकी इंचार्ज एसआई विपिन पाठक ने बताया कि कंकाल में कुछ ही स्थानों पर मांस था। जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कंकाल महिला या पुरुष का था।
546वां शव बरामद
बता दें कि 16/17 जून को आए केदारनाथ जलप्रलय में सैकड़ों यात्रियों सहित स्थानीय लोग और सरकारी कर्मी मारे गए थे। केदारनाथ जल प्रलय में मारे गए श्रद्धालुओं, कर्मचारियों, तीर्थ पुरोहित, व्यापारियों और मजदूरों के शव की तलाश में पुलिस और एनडीआरएफ की तरफ से चलाए गए में कई शव बरामद हुए थे।
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इसके अलावा पिछले वर्ष अक्तूबर में केदारनाथ धाम में मलबे की सफाई और नदियों के मलबे से भी शव बरामद हुए थे। जिले में विभिन्न स्थानों से अब तक 546 (बुधवार को बरामद शव मिलाकर) बरामद हो चुके हैं।