ओंकारेश्वर मंदिर की परिक्रमा के बाद बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली धाम के लिए प्रस्थान किया। डोली पहले पड़ाव विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी। इसके बाद 3 मई को नारायणकोटी, मैखंडा होते हुए दूसरे पड़ाव फाटा, 4 मई को सीतापुर, सोनप्रयाग होते हुए गौरीकुंड में रात्रि प्रवास होगा। 5 मई को डोली गौरीकुंड से 17 किमी पैदल रास्ता तय कर दोपहर को अपने धाम केदारनाथ पहुंचेगी। जहां 6 मई को सुबह 6.25 बजे केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। उधर, मां गंगा की डोली मुखबा (मुखीमठ) से रात्रि विश्राम के लिए भैंरोघाटी पहुंचेगी। इसके बाद अक्षय तृतीय के दिन 3 मई को डोली गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान करेगी। अक्षय तृतीया पर पूर्वाह्न 11.15 बजे धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जाएंगे। मां गंगा के शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में सोमवार को मां गंगा चिणा, फाफरा, आलू, राजमा व रोट, स्वाले, चूरमा आदि से तैयार प्रसाद का भोग लगाया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण मां गंगा को धाम तक छोड़ने के लिए डोली यात्रा के साथ रवाना होंगे।
मां यमुना की डोली उनके शीतकालीन पड़ाव खरसाली से मंगलवार सुबह 8.30 बजे यमुनोत्री के लिए रवाना होगी। उनके भाई शनि समेश्वर देवता की डोली भी उन्हें धाम तक छोड़ने जाएंगे। मंदिर समिति के सचिव सुरेश उनियाल ने बताया कि कपाट 12 .15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
बुधवार से शुरू हो रही चारधाम यात्रा के लिए सोमवार को ऋषिकेश और हरिद्वार से 40 बसें रवाना करने की तैयारी चल रही है। रोटेशन की कंपनियों ने सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बसें आईएसबीटी से यमुनोत्री के लिए रवाना होंगी, लेकिन इसी बीच यहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
चारधाम रोटेशन कंपनी के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने बताया कि 1200 यात्री चारधाम की यात्रा पर जाएंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई हैं। इन बसों में कुछ बसें ऋषिकेश और कुछ बसें हरिद्वार से रवाना होंगी। यात्रा शुरू होने से पहले पूजा-अर्चना की जाएगी। राज्य सभा सांसद नरेश बंसल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पांच मई को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी चारधाम यात्रा का विधिवत उद्घाटन करेंगे।