राजधानी देहरादून में स्वास्थ सेवा बिल्कुल ठप हैं। दून अस्पताल में डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं होते हैं। इतना ही यहां जांच करने वाली मशीनें अधिकतर खराब ही रहती हैं।
डॉक्टर की कमी के कारण दूर-दराज इलाके से आए रोगियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ विभाग भी इस ओर ध्यान नहीं देता।
परेशान होते हैं रोगी
दून अस्पताल में डॉक्टर न होने से सबसे ज्यादा परेशानी गरीब लोगों को होती है। मंहगी फीस के कारण वह प्रावेइट अस्पतालों में इलाज नहीं करवा सकते। मजबूरी में उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता, जहां उनकी जान को खतरा रहता है।
सरकार को इस ओर कठोर कदम उठाने चाहिए और जल्द से जल्द सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की व्यवस्था करनी चाहिए।
(अमर उजाला को यह खबर देहरादून के राहुल रावत ने भेजी है।)