दून में मरीजों पर मुसीबत के बादल घिरते नजर आ रहे हैं। बरसात में बीमारियों से पीड़ित लोगों की तादाद बढ़ती जा रही है।
मरीजों के लिए भारी पड़ सकते हैं तीन हफ्ते
ऐसे में दून अस्पताल से डॉक्टरों के तबादले और नंदा राजजात की ड्यूटी ने चिंता बढ़ा दी है। दून अस्पताल में आने वाले करीब तीन हफ्ते मरीजों के लिए भारी पड़ सकते हैं।
अस्पताल से लगभग 10 डॉक्टरों के तबादले की संभावना है। हाल ही में सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) से संयुक्त निदेशक पर हुई करीब 70 डॉक्टरों की डीपीसी में आठ दून अस्पताल से भी हैं।
इनमें कुछेक को छोड़कर बाकी का तबादला पहाड़ों में होने का दावा स्वास्थ्य निदेशालय कर चुका है। सालों से दून में जमे कुछ अन्य डाक्टरों के स्थानांतरण भी होने हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन में तबादले होने संभव हैं।
तबादला होने पर कोर्ट जाने की चेतावनीसंयुक्त निदेशक स्तर पर प्रमोशन पाए दून अस्पताल के डॉक्टरों में ऐसे भी हैं, जो कुछ साल पहले यहां आए हैं। इन डॉक्टरों ने तबादला होने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
स्वास्थ्य महकमे को आशंका है कि कोर्ट जाने पर दून अस्पताल में नए डॉक्टरों के ज्वाइनिंग अटक जाएगी। इसमें 10-15 दिन का समय लग सकता है। इससे मरीजों को असुविधा होगी।
वीआईपी ड्यूटी बढ़ा रही परेशानी
दून अस्पताल के औसतन दो डाक्टर रोजाना वीआईपी ड्यूटी पर रहते हैं। जबकि एक डाक्टर की पोस्टमार्टम ड्यूटी लगती है। इससे भी दून अस्पताल में मरीजों को दिक्कत झेलनी पड़ सकती है।
जिले के 10 डॉक्टर नंदा राजजात में ड्यूटी
दून जिले से 10 डॉक्टरों और पांच स्टाफ नर्सों की ड्यूटी नंदा राजजात यात्रा पर लगी है। इसमें दून अस्पताल के एक फिजिशियन शामिल हैं। सोमवार को यह टीम जाएगी।
शनिवार को बद्रीनाथ हाइवे पर शिवपुरी में सड़क पर मलबा आने से टीम को वापस लौटना पड़ा था। आने वाले दिनों में कुछ अन्य डॉक्टरों की ड्यूटी नंदा राजजात में लग सकती है।
कोशिश है कि दून अस्पताल से नंदा राजजात ड्यूटी पर कम डॉक्टर भेजे जाएं। जो टीम भेजी गई है, वह सीएमओ चमोली को रिपोर्ट करेगी। सीएमओ चमोली की ओर से ही ड्यूटी लगाई जाएगी।
- डॉ. बीएस जंगपांगी, सीएमओ