हरिद्वार: देहदान के 12 पंजीकरण करा चुकी हैं नेहा मलिक
सामाजिक सरोकारों से जुड़ी मुस्कान फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा मलिक ने पति के सपने को अधूरा नहीं होने दिया। संस्था के संस्थापक उनके पति नीरज मलिक का उद्देश्य रक्तदान, नेत्रदान और देहदान था। उन्होंने मुहिम चलाई और काफी हद तक सफलता भी मिली। वर्ष 2018 में उनके आकस्मिक निधन के बाद संस्था और उसके उद्देश्यों पर ग्रहण सा लग गया। लेकिन नेहा हिम्मत नहीं हारीं। उन्होंने संस्था का पूरा भार संभाला और निधन के बाद पहले पिता का और बाद में अपने पति का देहदान कराया। वह अब तक 12 लोगों का देहदान के लिए पंजीकरण करा चुकी हैं और तीन लोगों का देहदान हो चुका है। नेहा मलिक अब तक 22 लोगों का नेत्रदान भी करा चुकी हैं।
विकासगनर: लाखों की नौकरी छोड़ बदली 750 किसानों की जिंदगी
जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में हर कोई डॉ. पूजा गौड़ के नाम से वाकिफ है। वह मुंबई की मल्टी नेशनल बैंकिंग कंपनी में करीब 200 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की हेड थीं। कोरोना में वह अपने गांव फेडीज पहुंचीं और वापस मुंबई कभी नहीं लौटी। कोरोना काल में आढ़ती मनमाना दाम देकर किसानों की उपज ले रहे थे। पूजा गौड़ ने किसानों को कृषि उपज के वाजिब दाम दिलवाने के लिएराजस्थान की कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद किसानों को उचित दाम मिल सका। इसके बाद उन्होंने फेडीज कपसाड़ कृषि बहुउद्देशीय सहकारी समिति का गठन किया। आज सहकारी समिति से जुड़कर 20 गांवों के करीब 750 किसान उपज के सही दाम पा रहे हैं। उन्हें किसान श्री सम्मान भी मिल चुका है।
पुरोला: विकासखंड में गढ़े विकास के नए आयाम
उत्तरकाशी के पुरोला की प्रमुख रीता पंवार विकासखंड में विकास के नए आयाम गढ़ रही हैं। केंद्र सरकार उन्हें पंडित दीनदयाल पुरस्कार से पुरस्कृत कर चुकी है। पुरोला के धिवरा गांव निवासी रीता पंवार 2019 में सुकड़ाला वार्ड से निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य बनीं। इसके बाद अपने कुशल व्यवहार व राजनीतिक समझ से प्रमुख पद पर आसीन हो गईं। अपनी नेतृत्व क्षमता के बल पर उन्होंने अपने चार साल के कार्यकाल में विकासखंड में विकास को नई गति दी। जिसके तहत उन्होंने ग्राम धिवरा में ग्रोथ सेंटर का निर्माण करवाया, जहां महिलाएं अपने खेतों के उत्पाद बेच सकती हैं। उन्होंने विकासखंड में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण को भी प्राथमिकता में रखा हुआ है।
कोटद्वार: पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहीं कोटद्वार की मेघा
कोटद्वार के पटेल मार्ग की मेघा नेगी सिंगल यूज प्लास्टिक और पॉलिथीन को पर्यावरण का सबसे बड़ा दुश्मन मानती हैं। इसी बात को ध्यान मेंरखकर वह इन दिनों ध्यान धरती अभियान में जुटी हैं। जिसमें वह कपड़े की पोटली, मिट्टी के बर्तन, पेड़ों के पत्तों से बने कटोरी जैसे उत्पाद तैयार कर रही हैं। जिससे पर्यावरण को कोई नुकसान न हो। मेघा दिल्ली में एक एडवरटाइजिंग एजेंसी में कार्यरत थीं। जॉब में मन नहीं लगा, तो कुछ अलग करने की ठान ली। बीते वर्ष होली पर उन्होंने इको फ्रेंडली गुलाल बनाया। नवरात्र में उन्होंने गाय के गोबर के उपले, घी, कपूर, चंदन और अन्य मिलावट रहित प्राकृतिक सामग्री से धूप बनाई है। इसकी सौंधी सुगंध सबको बहुत पसंद आ रही है।
कोटद्वार: शोभा ने योग से बदल दी अपनी जिंदगी
भाबर के घमंडपुर (दुर्गापुर) की शोभा रावत की योग ने जिंदगी बदल दी है। बीमारी के चलते तीन साल बिस्तर पर रहने के बाद शोभा ने योग को अपनाकर न केवल बीमारी को मात दी, बल्कि आज योगाचार्य बनकर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। रिखणीखाल ब्लॉक के जेठू गांव की मूल निवासी शोभा रावत दो बेटी और एक बेटे की मां हैं। अक्तूबर 2008 में उनका स्वास्थ्य ऐसा खराब हुआ कि उन्होंने बिस्तर पकड़ लिया। करीब तीन साल तक वह बिस्तर पर रहीं। इसी दौरान बैंक में सेवारत उनके पति विमल सिंह रावत की आकस्मिक मृत्यु हो गई, जिससे शोभा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। सब जगह से थक हारकर परिजन उन्हें योग शिविर में ले गए। वह अब तक 35 हजार से अधिक लोगों को योग सिखा चुकी हैं।
जोशीमठ: प्राकृतिक चिकित्सा की जादूगर नत्थी देवी
प्राकृतिक चिकित्सा पद्धत्ति से लोगों के असाध्य रोगों से राहत दिलाने वाली नत्थी देवी को लोग प्राकृतिक चिकित्सा की जादूगर के तौर पर जानते हैं। तपोवन की रहने वाली नत्थी देवी ने अपने हाथों के हुनर से कई लोगों को असहनीय दर्द और पीड़ा से आराम दिलाया है। 62 वर्षीय नत्थी देवी 30 सालों से लोगों का प्राकृतिक चिकित्सा पद्धत्ति से निशुल्क उपचार कर रही हैं। वह पेट, नसों, जोड़ों और कमर के दर्द का उपचार करती हैं। अब तक वह 70 से 80 प्रसव भी करा चुकी हैं। क्षेत्रीय लोग कहते हैं कि उनके हाथों में जादू है। जो भी उनके पास जाता है आराम जरूर मिलता है। नत्थी देवी ने बताया कि उन्होंने अपने अनुभवों से ही यह सब सीखा है।
जौलीग्रांट: राखी पंवार ने पंचायत को दिलाई पहचान
रायपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत पाववाला सौडा की प्रधान राखी पंवार ने पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। 21 अक्तूबर 2019 को वह प्रधान निर्वाचित हुईं थीं। इसके बाद उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण और विकास कार्यों पर जिम्मेदारी से काम करना शुरू किया। 8 मार्च 2020 को उन्हें महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास सचिव द्वारा सम्मानित किया गया। 27 सितंबर 2022 को स्वच्छता के क्षेत्र में विशेष कार्य करने पर मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम प्रधान को स्वच्छता गौरव पुरस्कार दिया गया। 14 मई 2020 को पाववाला को ओडीएफ प्लस (खुले में शौच से मुक्त) ग्राम सभा घोषित की गई। इसके अलावा वह गांव में शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी सजग रहती हैं।
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रुड़की: लगातार पकड़ रही हैं नकली दवाएं
हरिद्वार जिले की ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती लगातार नकली दवाई कंपनियों पर कार्रवाई कर रही हैं। यही नहीं, मानक पूरा न करने पर दवाई कंपनियों के लाइसेंस भी सरेंडर करा रही हैं। इस कार्रवाई के बीच उन्हें कई बार दबाव का सामना करना पड़ता है, लेकिन कार्रवाई से उनके कदम पीछे नहीं हटते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर अनिता भारती बताती हैं कि हरिद्वार में करीब डेढ़ सौ से अधिक दवाई कंपनियां चल रही हैं। जांच में सामने आ रहा है कि कंपनियों ने मानक पूरे नहीं किए हैं। ऐसे में वह कार्रवाई करती हैं, तो दबाव भी आते हैं। लेकिन उन्होंने कभी दबाव के सामने कदम पीछे नहीं खींचे और कार्रवाई की है। वह सबसे नकली दवाइयों के खिलाफ आवाज उठाने की बात कहती हैं।