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रावल का कृत्य सनातन धर्म के लिए आघाती: माधवाश्रम

Thu, 06 Feb 2014 10:11 PM IST
अमर उजाला, गोपेश्वर
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ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य माधवाश्रम जी महाराज ने कहा कि बदरीनाथ के रावल वी केशवन नंबूदरी का कृत्य सनातन धर्म को आघात पहुंचाने वाला है।
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उन्होंने कहा कि मंदिर समिति को परंपरानुसार शीघ्र नए रावल की नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रावल शीतकाल में सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए देशाटन पर जा सकते हैं। लेकिन मंदिर समिति को उनके कार्यक्रम की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए।

केदारनाथ के रावल को भी हटाने की मांग
वहीं, द्वारिका व ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद के शिष्य ब्रह्म विद्यानंद ने कहा कि बदरीनाथ रावल का यह आचरण हिंदुओं के लिए अपमानजनक है। रावल की व्यवस्था में फेरबदल जरूरी है।
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उन्होंने कहा कि केदारनाथ के रावल भीमाशंकर लिंग को भी तत्काल रावल पद से हटा देना चाहिए। आदि गुरु शंकराचार्य ने बदरीनाथ और केदारनाथ में पूजा-अर्चना का जिम्मा रावल को सौंपा था।

वर्तमान में रावल के चयन में कोताही बरती जा रही है। रावल के चयन की समीक्षा और पारदर्शी होनी चाहिए।

यात्रा पर असर नहीं
बदरीनाथ क्षेत्र के धर्माचार्यों, हक-हकूकधारियों और यात्रा से जुडे़ लोगों का कहना है कि मुख्य रावल वी केशवन नंबूदरी की गिरफ्तारी से धाम की यात्रा और आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा।

बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल का कहना है कि बदरीनाथ की पवित्र भूमि से जुड़ा हर व्यक्ति गलत संगत और अपवित्र होता है तो वह दंड का अधिकारी है।

आरोप क्षमायोग्य नहीं
डिमरी पंचायत के अध्यक्ष सुरेश डिमरी का कहना है कि वैदिक परंपरा के अनुसार बदरीनाथ धाम में रावल (मुख्य पुजारी) ही बदरीनाथ की पूजा-अर्चना और भोग लगाने का अधिकारी है। वर्तमान में रावल पर लगे आरोप क्षमा योग्य नहीं हैं।

बदरीनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में अब सिर्फ तीन माह शेष हैं। यात्रा से पहले धर्माचार्यों और विद्वतों की रायशुमारी से नए रावल का चयन किया जाना चाहिए।

हो गए हैं स्वेच्छाचारी
पद्मविभूषित चंडी प्रसाद भट्ट का कहना है कि रावल के कुकृत्य से धाम की आस्था पर कोई प्रभाव नहीं पडे़गा। साहित्यकार चंद्र बल्लभ पुरोहित का कहना है कि रावल के शीतकाल में जोशीमठ में ही रहने की परंपरा थी।
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सत्तर के दशक में उन्हें घर जाने की अनुमति देने के बाद ये लोग स्वेच्छाचारी होकर बार-बार धार्मिक परंपराओं को खंडित कर रहे हैं। नंदप्रयाग निवासी महेंद्र सिंह का कहना है कि रावल के चयन के लिए कड़े मापदंड बनाए जाएं।
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