नशा मुक्ति केंद्र से युवतियों के भागने एवं दुष्कर्म की अमर उजाला में प्रकाशित खबर का उत्तराखंड मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में देहरादून के डीएम और एसएसपी से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह भी पूछा है कि इस प्रकरण में क्या कार्रवाई हुई, इससे आयोग को अवगत कराया जाए।
देहरादून में नशा मुक्ति केंद्र से भागी युवतियों ने केंद्र संचालक पर छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आठ अगस्त को अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसका आयोग ने संज्ञान लेते हुए देहरादून पुलिस से मामले में रिपोर्ट मांगी है।
वहीं सचिव समाज कल्याण को दिए आदेश में कहा है कि यह बताया जाए कि नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाने के लिए किस तरह की व्यवस्था है। प्रदेश में कितने सरकारी और निजी नशा मुक्ति केंद्र चल रहे हैं। केंद्र को स्थापित करने के लिए अनुमति कहां से मिलती है। इन केंद्रों की निगरानी किस विभाग की ओर से की जाती है। विभागों की ओर से कब-कब इन केंद्रों का निरीक्षण किया गया।