देहरादून की बात करें तो जनवरी से अब तक विभिन्न थानों में ऐसे 50 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह सब मामले एसटीएफ और साइबर थाने की प्राथमिक जांच के बाद दर्ज किए गए हैं। इनमें कुछ मामलों का एसटीएफ ने खुलासा करते हुए दो ठगों को भी गिरफ्तार किया था। साइबर पुलिस के अनुसार साइबर ठग ऐसे लोगों को शिकार बनाते हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में कभी न कभी पॉर्न वेबसाइट देखी हो। वहीं से ठग उनकी ई-मेल व अन्य जानकारियों को चुरा लेते हैं। इसके बाद विभिन्न सोशल मीडिया वेबसाइट के माध्यम से उन्हें फंसाने के लिए संपर्क किया जाता है।
30 फीसदी ही आते हैं पुलिस के पास
दरअसल, यह मामले सीधे-सीधे व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़े होते हैं। कई लोग ऐसे होते हैं जो चुपचाप ठगों के खातों में रकम जमा करा देते हैं, लेकिन कभी भी इसकी शिकायत नहीं करते। पुलिस के अनुसार ऐसे 30 फीसदी लोग ही होते हैं जो पुलिस के पास पहुंचते हैं। क्योंकि, ज्यादातर को अपना नाम सार्वजनिक होने का खतरा बना रहता है।
भरतपुर इलाका ही है गढ़
सेक्सटॉर्शन के गिरोह का गढ़ राजस्थान का भरतपुर इलाका माना जाता है। यहीं के दो गांव हैं जहां से ये ठग इन घटनाओं को अंजाम देते हैं। पुलिस के अनुसार पिछले दिनों भरतपुर जिले में 40 मामलों का खुलासा किया गया था। इनमें कई ठगों को पकड़ा गया था।
ऐसे बचें सेक्सटॉर्शन से
- पॉर्न साइट पर सर्फिंग न करें। केवल सेफ वेबसाइट को ही खोलें।
- जिन वेबसाइट के यूआरएल से पहले ताला बना होता है उन्हीं वेबसाइट पर जाएं।
- लाल रंग से ताले के निशान कटे होने वाली वेबसाइट को खोलने से बचें।
- फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले उसकी पूरी तरह से जांच कर लें।
- यदि कोई ब्लैकमेल करता है तो इसकी बेझिझक साइबर पुलिस से शिकायत करें।
इन दिनों सेक्सटॉर्शन के मामले बढ़ रहे हैं। बहुत से लोग इसमें शिकायत करने से झिझकते हैं, लेकिन लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस साल भी कई मामले साइबर थाने और एसटीएफ के पास आ चुके हैं। जल्द ही कुछ मामलों में खुलासा किया जा सकता है।
- अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ