बुधवार की सुबह सैर पर निकले तीन बुजुर्गों पर एक विक्षिप्त ने डंडे से हमला कर दिया। विक्षिप्त के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि दो घायल हो गए। एक की गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर मेरठ रेफर किया गया है। श्यामपुर पुलिस ने आरोपी विक्षिप्त को गिरफ्तार कर लिया है। घटना से पूरा शहर सकते में है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बिल्वकेश्वर कालोनी के कई बुजुर्ग हर रोज सैर करने चीला की तरफ जाते हैं। बुधवार की तड़के लगभग पांच बजे वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता क्षेमानंद जोशी (85), समाजसेवी डा. रवि बेदी (75) और नगर पालिका के जलकल विभाग के सेवानिवृत्त इंजीनियर चिंता सिंह (72) घर से रोजाना की तरह पैदल सैर के लिए निकले। तीनों लोग साढ़े पांच बजे चंडीघाट पुल पर पहुंचे।
पुल के पास स्थित पुलिस चौकी से काली मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते पर हाथ में डंडा लेकर बैठा एक विक्षिप्त आने-जाने वालों को गालियां दे रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डा. रवि बेदी उसे गाली गलौच न करने के लिए समझाने लगे। इस पर विक्षिप्त आपा खो बैठा और डंडे से डा. रवि बेदी पर हमला बोल दिया।
डा. रवि बेदी को बचाने के लिए क्षेमानंद जोशी और चिंता सिंह ने बीच में आए तो विक्षिप्त ने उन पर भी डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। तीनों लहूलुहान होकर नीचे गिर गए। इसी बीच उधर से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने बुजुर्गों को बचाने के लिए उनकी तरफ दौड़ा। ऑटो चालक पर भी विक्षिप्त ने हमला किया।
सूचना पर पुलिस चौकी से एक सिपाही और होमगार्ड मौके पर पहुंचे, लेकिन हमलावर मौके से फरार हो गया। लहूलुहान हालत में उन्हें ऑटो से तीनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत के कारण क्षेमानंद जोशी और डा. रवि बेदी को जौलीग्रांट रेफर किया गया, जबकि चिंता सिंह को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। उन्हें भी हाथों में फैक्चर आए हैं।
दुनिया देखती रहेंगी जोशी की आंखें
जौलीग्रांट पहुंचने पर चिकित्सकों ने क्षेमांनद जोशी को मृत घोषित कर दिया। सिर में आई चोटों और ज्यादा खून बह जाने के कारण उनकी मौत होनी बताई गई। विक्षिप्त के हमले की खबर से शहर में हड़कंप मच गया।
चंडीघाट चौक के पास गश्त कर रहे नगर कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी तत्काल घटनास्थल पहुंचे और विक्षिप्त को पकड़ लिया। एसओ श्यामपुर प्रदीप तोमर ने बताया कि आरोपी का नाम ऋषिपाल पुत्र लाहौर सिंह निवासी इंदिरा बस्ती बहादराबाद है। वह मानसिक रूप से विक्षिप्त और नशेड़ी बताया गया है।
क्षेमानंद की मौत के बाद उनके पुत्र महेश जोशी ने उनकी इच्छा के अनुरूप उनका नेत्रदान कराया। नेत्रदान कार्यकर्ता रामशरण चावला को उनके पुत्र ने सूचना दी जिस पर चावला और उनके सहयोगी निर्मल हॉस्पिटल की टीम के साथ उनके आवास पर पहुंचे और सफलतापूर्वक उनके दोनों नेत्र प्राप्त किए।
जानकारों के अनुसार क्षेमानंद जोशी की इच्छा देहदान की भी थी। वे अक्सर अपने जानने वालों से इस बारे में चर्चा करते रहते थे। इसी से प्रेरित होकर परिजनों ने नेत्रदान कराया।
हमेशा याद की जाएंगी उनकी सेवाएं
क्षेमानंद जोशी की मौत की खबर सुनते ही उनके घर पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लग गया। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, मेयर मनोज गर्ग, कांग्रेस नेता संजय पालीवाल, पुरुषोत्तम शर्मा, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, प्रदीप ब्रह्मचारी, कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अंशुल श्रीकुंज, सचेंद्र झा, मुरली मनोहर, तरुण नैयर, सुभाष घई, ओमप्रकाश जमदग्नि आदि ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।