देहरादून को सभी के लिए सुलभ और स्वच्छ ईंधन गोल में सबसे ज्यादा 96 अंक मिले हैं, जबकि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए किए गए उपायों में देहरादून काफी पीछे है। इस गोल में सबसे कम सिर्फ 31 अंक मिले हैं। इसके अलावा शांति सभी के लिए न्याय व जवाबदेह संस्थाओं के निर्माण में दून को 80 अंक, लैंगिक समानता में 79, प्रोडक्शन पैटर्न सुनिश्चित करने में 78, साफ पानी और स्वच्छता में 77, गुणवत्ता शिक्षा में 72, गरीबी उन्मूलन, आर्थिक विकास, स्वास्थ्य के लिए किए गए कार्य में 59-59 अंक, असमानता कम करने के लिए 58, शहरों को सतत बनाने के लिए 52, इनोवेशन और अवस्थापना विकास के लिए 47 और भूखमरी कम करने के लिए 45 अंक मिले हैं।
शहरी विकास में आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर काम करने की जरूरत
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि आज हम शहरीकरण के उस दौर में हैं, जहां बात सिर्फ विकास की नहीं, सतत विकास की है। हमें अब शहरी विकास के सभी पहलू जैसे आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलू पर काम करने की जरूरत है। इसके लिए हमें आंकड़ों की जरूरत होती है। अर्बन इंडेक्स का यही उद्देश्य है। उनका कहना है की अब जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को विकास के नए पैमाने के अनुसार खुद को ढालना और अपडेट करना होगा।
अर्बन इंडेक्स में देहरादून को जलवायु परिवर्तन पर सबसे कम अंक मिलना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा की देहरादून की पहचान उसके पर्यावरण और जलवायु के कारण है और सरकार, शहरी विकास विभाग, नगर निगम देहरादून और अन्य सभी विभागों को इंडेक्स के सभी पहलुओं पर गहन चिंतन कर भविष्य की शहरी नीतियों पर कार्य करना चाहिए।