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एसडीजी गोल: स्वास्थ्य रैकिंग में देश में छठे नंबर पर उत्तराखंड, 11 अंकों की लगाई छलांग

Sun, 06 Jun 2021 10:48 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक सोनिका ने बताया कि नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य 2020-21 की रैकिंग जारी की है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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नीति आयोग की ओर से जारी सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की स्वास्थ्य रैकिंग में उत्तराखंड देश में छठे नंबर पर है। स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए निर्धारित 10 सूचकांकों में उत्तराखंड ने 77 अंक प्राप्त कर यह स्थान हासिल किया है। वर्ष 2019-20 की तुलना में प्रदेश में रैकिंग में 11 अंकों की छलांग लगाई है। 

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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की निदेशक सोनिका ने बताया कि नीति आयोग ने सतत विकास लक्ष्य 2020-21 की रैकिंग जारी की है। जिसमें 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तराखंड को स्वास्थ्य क्षेत्र में छठा स्थान प्राप्त किया। एसडीजी में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 10 सूचकांकों की प्रगति पर प्रदेश में 77 अंक मिले हैं।

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वर्ष 2019-20 में 58 अंक लेकर प्रदेश की 17वीं रैकिंग थी। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में एसडीजी के परिणाम उत्साहजनक है। जो डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों में स्वास्थ्य सेवाओं में और सुधार के लिए प्रेरित करेगा।

नीति आयोग की सतत विकास लक्ष्य की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड सभी मानकों में तीसरे स्थान पर है। एसडीजी के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र की रैकिंग के लिए 10 मानक तय किए गए थे। जिसमें उत्तराखंड को प्रगति के आधार पर 77 अंक मिले हैं।

ओवर ऑल रैकिंग में देश में तीसरे स्थान पर आया उत्तराखंड
नीति आयोग ने 2020 की सतत विकास लक्ष्यों की ओवर ऑल रैंकिंग की जो तस्वीर बयान की है, उसमें उत्तराखंड ने नौवें से तीसरे स्थान पर छलांग लगाई है। वन एवं पर्यावरण के लक्ष्य में उत्तराखंड पांचवीं रैंकिंग से 13वीं पर जा पहुंचा है।
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इन कार्यों से रैंकिंग में आया सुधार
नियोजन विभाग के सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस के जारी प्रेस बयान के मुताबिक जिला स्तरीय संकेतकों की नियमित समीक्षा के लिए डैशबोर्ड बनाया गया। त्रिस्तरीय पंचायतों में सतत लक्ष्यों को शामिल किया गया। इसके अलावा लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए निजी क्षेत्र, कारपोरेट, अकादमिक व शोध संस्थानों व राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से प्रभावी भागीदारी की जा रही है।

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