मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को राजधानी के बीजापुर हाउस में मानसून सीजन में पौड़ी में आई आपदा की समीक्षा की। उन्होंने आपदा में दुकानों को हुए नुकसान को भी अन्य नुकसान के मुआवजे के पैकेज में शामिल करने को कहा।
सीएम ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि एक माह में ऐक्शन टेकन रिपोर्ट सामने रखें। साथ ही डीएम पौड़ी चंद्रशेखर भट्ट को निर्माण कार्यों की सतत निगरानी का भी निर्देश दिया।
कमेटी की संस्तुतियों पर चर्चा
सीएम ने अधिकारियों से कहा कि मृतक आश्रितों को पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाना है। समीक्षा बैठक में उन समस्याओं के समाधान की भी कोशिश हुई, जो विधायक विक्रम सिंह नेगी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट में सामने रखी गईं थीं।
इस कमेटी का गठन सीएम के निर्देश पर पौड़ी में आई आपदा के बाद की स्थिति का आकलन करने के लिए किया गया था।
तुरंत धनराशि रिलीज करने के आदेश
सीएम ने आपदा में नष्ट हुई गूल, संपर्क मार्ग, सड़क, पेयजल लाइन आदि के लिए संबंधित विभागों को तुरंत धनराशि रिलीज करने को कहा है।
समिति के मुताबिक बीते मानसून सीजन में पौड़ी में आई आपदा में छह लोगो की मौत हुई थी। उस दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को खोल दिया गया है। अधिकतर मार्गों में सुधार की जरूरत है। पेयजल योजनाओं के सुधार के लिए विभागों को धनराशि उपलब्ध करानी जरूरी है।