Iप्रदेश के विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरूआत मंगलवार से हो गई है। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या को बढ़ाने के लिए प्रवेश उत्सव की भी शुरूआत हो गई है। लेकिन कक्षा एक में दाखिले के लिए बच्चे की आयु छह वर्ष अनिवार्य करने से शिक्षकों को चिंता सता रही है। शिक्षकों का कहना है कि आयु सीमा में अनिवार्यता से कई बच्चे प्रवेश से वंचित हो सकते हैं।I
Iआयु सीमा की अनिवार्यता को खत्म करने के लिए उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से कई बार विभागीय अधिकारियों को पत्र भी दिया गया है। संगठन के प्रांतीय पदाधिकारी मनोज तिवारी ने बताया, कक्षा एक में प्रवेश को लेकर छह वर्ष की आयु की बाध्यता के कारण शिक्षकों में बेचैनी का आलम है। पहले से ही कम छात्र नामांकन से जूझ रहे सरकारी विद्यालयों में इस आदेश से शिक्षकों की चिंता और बढ़ गई है। ऐसे में इस नियमावली के संशोधन की मांग के लिए निदेशालय को कई बार पत्र लिखा गया है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि जिन बच्चों की दो अप्रैल या उसके बाद छह साल पूरी होती है तो क्या वह पूरे साल भर विद्यालय में प्रवेश से वंचित रहेंगे।I