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नदी के बीचों-बीच फंसी ट्रॉली, आधे घंटे झूलती रहीं तीन छात्राएं

Sun, 30 Aug 2015 11:22 PM IST
ब्यरो/अमर उजाला, देहरादून
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(ऐसे ट्रॉली से नदी पार करते हैं छात्र- फाइल फोटो)
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उत्तराखंड के कर्णप्रयाग क्षेत्र में हरमनी बाजार से पैनगढ़ जाने के लिए हस्तचालित ट्राली से नदी पार कर रही तीन छात्राएं फंस गईं। पैनगढ़ गांव की तीन छात्राएं ट्राली से स्कूल से घर जा रही थीं कि अचानक ट्राली बंद हो गई। तीनों छात्राएं ट्राली में आधा घंटा फंसी रहीं। गांव के वन पंचायत सरपंच ने जान पर खेलकर तीनों छात्राओं की जान बचाई।

पैनगढ़ के ग्राम प्रधान दिनेश पुरोहित ने बताया कि पूरन लाल, नंदराम, अनुसूया प्रसाद की जीआईसी हरमनी में नवीं कक्षा में पढ़ने वाली तीन छात्राएं स्कूल से घर जा रही थीं कि अचानक ट्राली की रस्सी पर गांठ पड़ने से ट्राली अटक गई और पिंडर नदी पर आधा घंटे तक झूलती रही।
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वन पंचायत सरपंच पूरन प्रताप सिंह (52) हरमनी बाजार आए थे और इसी दौरान गांव जाने के लिए पिंडर नदी के किनारे पहुंचे तो देखा ट्राली में फंसी छात्राएं मदद के लिए चिल्ला रहीं थीं।
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वन पंचायत सरपंच जान पर खेलकर बचाई तीनों की जान

छात्राओं को फंसा देख पूरन ने ट्राली की रस्सियों को पकड़कर करीब 30 मीटर तक दूरी पार की तो देखा रस्सी में गांठ पड़ी है उन्होंने गांठ खोली और छात्राओं को पार ले आए।

पुरोहित ने बताया कि ट्राली को ठीक करने सहित गांव के पैदल रास्ते की मरम्मत, बारिश से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत और गांव के ऊपर हो रहे भूस्खलन क्षेत्र का ट्रीटमेंट करने की मांगों को लेकर आठ अगस्त को चेतावनी देने के बाद आंदोलन किया था, लेकिन उनकी समस्याएं हल करने के बजाए पुलिस ने छह ग्रामीणों पर केस कर दिया।

हालांकि प्रशासन ने 20 दिनों में समस्याओं पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक किसी भी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई।

एसडीएम बोले
मामला संज्ञान में है, लेकिन इस दौरान तहसील में कई आंदोलन हुए जिसके चलते अन्य समस्याओं को देखने का समय नहीं मिला। जल्द मामले की रिपोर्ट मंगाई जाएगी।
-अनूप कुमार नौटियाल, एसडीएम थराली।
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मुश्किल समय में मदद को आए पूरन

दोपहर पौने एक बजे तेज गर्मी और उफनती पिंडर नदी के बीच से तीन छात्राओं को बचाने वाले पूरन प्रताप सिंह पैनगढ़ गांव के वन पंचायत सरपंच हैं। वह छात्राओं के इस मुश्किल भरे समय में भगवान बनकर सामने आए और जान पर खेल तीनों छात्राओं की जान बचाई।

पूरन का का कहना है कि बड़ी मुश्किल से ट्राली की गांठ को खोला गया और छात्राओं को बचाया गया। हालांकि नदी पार करने के बाद उन्हें भी घबराहट हुई लेकिन उस समय छात्राओं को बचाने का एक मात्र यही उपाय था। ग्रामीण मंगल सिंह, प्रधान दिनेश पुरोहित ने पूरन प्रताप सिंह के साहस की सराहना की है।
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