उत्तराखंड के चंपावत जिले में स्थित छोटे से गांव देवीधुरा की पहचान देशभर में है। इस पहचान की वजह है यहां होने वाली बग्वाल। पाटी विकासखंड के इस छोटे से गांव के नाम से ज्यादा मशहूर यहां की बग्वाल है।
बलि प्रथा से शुरू यह परंपरा कई दशकों तक पत्थर युद्ध से चलती रही और 2013 से यह सफर फल-फूल तक आ पहुंचा है, मगर बग्वाल का नाम सुनने पर लोगों के जेहन में अब भी सनसनाते पत्थर की याद कौंधती है।
रविवार को करीब 10 मिनट तक बग्वाल हुई। बग्वाल में फल-फूलों की वर्षा हुई। हां बीचबीच में छिटपुट पत्थर भी उछले। फलों से बग्वाल खेले जाने पर लोगों में उमंग और उत्साह अधिक होने के साथ डर भी जाता रहा। पाटी के संस्कृति कर्मी राजेंद्र गहतोड़ी का कहना है कि अब बग्वाल खेलने और देखने वाले चोट लगने से भयग्रस्त नहीं रहते।