पहले इन वजहों से विवादों में रही है शिक्षक भर्ती
प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती पूर्व में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) कर चुके उम्मीदवारों को लेकर विवादों में रही हैं। सरकार ने पहले इन अभ्यर्थियों को शिक्षक भर्ती में शामिल किया। इस शासनादेश के एक महीने बाद इन्हें भर्ती में शामिल करने के आदेश को रद्द कर दिया गया। जिससे काफी समय तक मामला कानूनी दांवपेंच में उलझा रहा। अब बीएड को भी शिक्षक भर्ती के लिए अमान्य किया जा चुका है।
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डीएलएड कर चुके अभ्यर्थी ही हो सकते हैं भर्ती में शामिल
देहरादून। प्रदेश में बेसिक के शिक्षकों की इन दिनों चल रही भर्ती में केवल डीएलएड अभ्यर्थी ही शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए, लेकिन कुछ अभ्यर्थी तथ्यों को छिपाकर अन्य प्रदेशों से डीएलएड करने के बाद उत्तराखंड में चल रही शिक्षक भर्ती में शामिल हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ही हमारे यहां डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन के दो वर्षीय प्रशिक्षण कोर्स में प्रवेश पा सकते हैं। अन्य राज्यों के लिए इसमें प्रवेश प्रतिबंधित है। -अनिल भूषण, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, यूपी