दोनों हाथों से सरकारी खजाना लुटाने की भरपाई अधिकारियों को जल्द करनी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग के फर्जी टैक्सी तेल बिल घोटाले में पुलिस के हाथ अधिकारियों के खिलाफ अहम सबूत लगे है।
घोटाले में अब बड़े अधिकारियों पर गाज गिरेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इसी हफ्ते घोटाले में कुछ अन्य गिरफ्तारियां हो सकती है।
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में हुए फर्जी टैक्सी तेल बिल घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर बड़े अधिकारियों तक पर आरोप लगते रहे हैं। अधिकारियों ने निजी उपयोग और फर्जी बिल बनाकर करोड़ों रुपये डकार लिए।
आरोप है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर अधिकारियों ने दोनों हाथों से सरकारी खजाना लुटाया। इस मामले में पुलिस पहले ही काला ट्रेवलिंग एजेंसी संचालक सुशील उनियाल को गिरफ्तार कर चुकी है।
पूछताछ में सुशील ने कई सफेदपोशों और अधिकारियों के भी घोटाले में लिप्त होने का खुलासा किया है। दूसरी ओर अब तक हुई जांच में पुलिस के हाथ भी कई सबूत लगे हैं।
आईजी गढ़वाल संजय गुंज्याल ने बताया कि मामले की जांच में अब तक मिले सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है। सबूतों के आधार पर कुछ बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
पूरे प्रकरण में ज्यादातर आरोपियों के खिलाफ लगे सबूत काफी हद तक सही पाए गए हैं। इस मामले में कई जिलों के सीएमओ और जिला अस्पतालों के सीएमएस के खिलाफ आरोप लगे हैं।