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कांग्रेस की सरकार में बैकडोर से हुई नियुक्तियां: डीबीसी के निदेशकों ने सामने आकर पार्टी के विरोध को बताया राजनीति

Tue, 12 Apr 2022 02:16 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

डीसीबी देहरादून के चेयरमैन अमित शाह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में शामिल तमाम अधिकारियों को स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस का इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन करना समझ से परे है। कांग्रेस अपनी आपसी लड़ाई को छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है।
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विस्तार
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सहकारिता विभाग की ओर से जिला सहकारी बैंकों में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्तियों में घोटाले के आरोप के बीच अब डीबीसी के निदेशकों ने सामने आकर कांग्रेस के विरोध को राजनीति से प्रेरित बताया है। आरोप है कि कांग्रेस कार्यकाल में सहकारी बैंकों में बड़े पैमाने पर विभिन्न पदों पर बैकडोर से नियुक्तियां की गईं, उसकी भी जांच होनी चाहिए।

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मीडिया को जारी एक पत्र में डीसीबी देहरादून के चेयरमैन अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती जिला सहकारी बैंकों में पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगे तो मुख्यमंत्री और सहकारिता मंत्री ने तुरंत जांच बैठा दी, जो अभी गतिमान है। बैंकों की ओर से भी इस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।

जांच प्रभावित न हो, इसलिए भर्ती प्रक्रिया में शामिल तमाम अधिकारियों को स्थानांतरित भी कर दिया गया है। ऐसे में कांग्रेस का इस मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन करना समझ से परे है। कांग्रेस अपनी आपसी लड़ाई को छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में की गईं नियुक्तियों की जांच के लिए भी एक कमेटी गठित की जानी चाहिए। ताकि कांग्रेस की कारगुजारियों का पर्दाफाश किया जा सके।
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वहीं, उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक के गढ़वाल सीट के निदेशक मनोज पटवाल ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की चुनाव हारने के बाद बौखलाहट बढ़ गई है, जिस कारण वह सचिवालय के बाहर धरना देने पहुंच गए। उन्होंने कहा कि इस मामले में विभागीय मंत्री स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर विभागीय जांच सही तरीके से नहीं होगी तो सरकार एसआईटी जांच कराएगी।

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