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इनाम के रुपयों से उतारा पिता का कर्ज

Fri, 10 Jan 2014 10:10 AM IST
योगेंद्र योगी/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार की बिटिया ने पुरस्कार जीतकर पिता के सिर से लाखों का कर्ज चुकता कराया बल्कि वर्ल्ड कप हॉकी का कांस्य पदक दिलाकर गर्व से उनका सीना चौड़ा कर दिया।
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पूरी दुनिया में बढ़ा सम्मान
एक तरफ बेटी वंदना कटारिया की उपलब्धियों से पिता सहित पूरे परिवार की भरपूर वंदना हुई। वहीं जिला, प्रदेश और देश का मान सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा। रोशनाबाद गांव की वंदना कटारिया ने मुसीबतों में पलकर अगस्त वर्ष 2013 में जर्मनी में हुए जूनियर वर्ल्ड हॉकी टूर्नामेंट में देश को कांस्य पदक दिलाया।

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रोशनाबाद निवासी नाहर सिंह के नौ बच्चों में से सातवें नंबर की बेटी वंदना पिछले छह सालों से हॉकी का प्रशिक्षण ले रही थी। जहां दूसरे खिलाड़ी ऐशोआराम से ट्रेनिंग करते और प्रशिक्षण का सारा सामान अव्वल दर्जे का रखते वहीं परिवार की माली हालत के चलते वंदना ने कम से कम संसाधनों और काम चलाऊ खर्च में प्रशिक्षण लिया।
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मन में बस वर्ल्ड टूर्नामेंट में उपलब्धि हासिल करने का सपना संजोए रखा था। कड़ी मेहनत और बेहतर प्रदर्शन के चलते राष्ट्रीय टीम में शामिल होने में कामयाब हुई। अगस्त 2013  में जर्मनी में हुए वर्ल्ड हाकी टूर्नामेंट में वंदना भी खेलने गई।

सेमिफाइनल में स्पेन को हराकर भारत की टीम ने फाइनल में प्रवेश पाया। वंदना के तूफानी स्ट्रोक के चलते इंग्लैंड को पटखनी देकर भारत ने कांस्य पदक पर कब्जा किया। लौटने पर जहां देश में वंदना सहित पूरी टीम का जोरदार राजकीय सम्मान किया गया।

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वहीं हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर समस्त जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बिटिया के सम्मान में पलक पांवडे़ बिछाए। गांव में ढोल नगाडों की थाप पर क्षेत्र के लोगों ने उत्सव मनाया। बेटी की उपलब्धियों से पूरा परिवार गदगद हुआ वहीं पुरस्कार के पैसे से पिता के सिर से लाखों का कर्ज भी उतर गया।

प्रशिक्षण के दौरान ट्रैक सूट और लड़कों वाले कपड़े पहनने पर जो ग्रामीण वंदना के परिवार को ताने, उलाहने, गाली गलौच और मारपीट करते नहीं थकते थे बिटिया की उपलब्धियों ने उनकी भी बोलती बंद कर दी।

फिलहाल रेलवे में टीसी के पद पर काम करते हुए मुंबई में हाकी प्रशिक्षण ले रही बिटिया ने बताया कि वह प्रदेश सरकार से मिलने वाली नौकरी भी नजदीक ही करना चाहेगी ताकि परिवार को पूरा सहारा दे और मां बाप की भरपूर सेवा कर सके।

सौ लोगों ने भरे संकल्प पत्र
अमर उजाला की अनूठी पहल बेटी ही बचाएगी के तहत देहरादून में गुरुवार को निशुल्क चिकित्सा शिविर में सौ लोगों ने संकल्प पत्र भरे। महिलाओं ने सबसे अधिक संकल्प पत्र भरे थे।
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उनका कहना था कि बेटी से घर में रौनक होती है। घर तो वही चलाती है। इसके साथ ही लोगों ने वादा किया कि वे बेटियों को बेटों की तरह ही शिक्षा दिलाएंगी।
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