उत्तराखंड की लगातार हो रही उपेक्षा को सहन न कर पाने के कारण ही मुझे कांग्रेस छोड़नी पड़ी। कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी मैने त्याग पत्र दे दिया है।
प्रदेश सरकार आपदा प्रभावितों को मकान बनाने के लिए सात लाख रुपये तो दे रही है पर उन्हें जमीन देने को तैयार नही है। यही हाल रहा तो पहाड़ तो पूरा खाली हो जाएगा। हाल यह है कि विकास की सोच रखने वालों को कांग्रेस में लगातार उपेक्षित किया जा रहा है। और भी कई बाते हैं।
मिशन 272 के लिए काम
कर्णप्रयाग रेल लाइन के लिए भूमि नहीं दी जा रही है, गैरसैंण में विधानभवन बनाने की बात थी पर उस भवन का अभी तक निर्माण भी शुरू नही हुआ। भाजपा में बिना शर्त शामिल हुआ हूं। मोदी के मिशन 272 के लिए काम करते हुए देश भर में भाजपा का प्रचार करूंगा।
-सतपाल महाराज
भाजपा नेताओं ने किया महाराज का जोरदार स्वागत
उनका फायदा भाजपा को होगा। वह उचित समय पर उचित प्लेटफार्म पर आ गए है। उनका स्वभाव पहले से ही भाजपा से मेल खाता है। महाराज को फायदा होगा और पार्टी को भी उनके तजुर्बे का लाभ मिलेगा। वह मोदी मिशन में शामिल हुए हैं, देश भर में फैले महाराज के अनुयायी मोदी मिशन में शामिल होंगे।
-तीरथ सिंह रावत, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष
महाराज के भाजपा में आने का स्वागत है, सतपाल महाराज पुराने राजनीतिज्ञ है और उनका फायदा भी भाजपा को मिलेगा। हरीश रावत सरकार की उम्र बहुत लंबी नहीं है। यह सरकार अपने कर्मों से खुद गिरेगी और हरीश मेहमान मुख्यमंत्री साबित होंगे। बहुगुणा के बाद हरीश सरकार भी भ्रष्टाचार में डूब चुकी है।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव
सतपाल महाराज पुराने राजनीतिक धुरंधर है। भाजपा में उनका स्वागत है। उनके अनुभवों का लाभ पार्टी को मिलेगा और इस घटना से साबित हो गया है कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार में घुटन और भ्रष्टाचार का माहौल है। महाराज के भाजपा में प्रवेश से यह बात साबित हो चुकी है।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष
पौड़ी सीट से किसी ने नहीं मांगा था टिकट
सतपाल महाराज के पार्टी बदलने के बाद भले ही कांग्रेस के नेता उन पर तमाम आरोप लगाएं, लेकिन पार्टी में महाराज की हैसियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किसी अन्य उम्मीदवार ने पौड़ी लोकसभा सीट से टिकट नहीं मांगा था।
अब पार्टी के सामने यह समस्या है कि भाजपा के भुवन चंद्र खंडूरी के खिलाफ किस कद्दावर नेता को मैदान में उतारा जाए। उत्तराखंड में टिकट बंटवारे को लेकर पहले ही से ही भाजपा से पिछड़ी कांग्रेस के सामने अब नए तरीके की चुनौती सामने आ गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल आर्य का कहना है कि महाराज के पार्टी छोड़ने के बाद पौड़ी से कुछ नामों पर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश संगठन जल्द ही कुछ नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजेगा।