हरिद्वार स्थित अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के श्रीमहंत ज्ञानदास ने आसाराम बापू को संत जगत पर कलंक कहा हैं। उन्होंने कहा कि कई बार आसाराम के दामन पर दाग लगे हैं।
बलात्कार जैसे आरोप लगना सिद्ध करता है कि आसाराम का संतई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को विश्व हिंदु परिषद की चौरासी कोस परिक्रमा पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए।
गुरुवार को जारी अपने प्रेस बयान में श्रीमहंत ज्ञानदास ने कहा कि यूपी सरकार चौरासी कोस की परिक्रमा प्रकरण को विवादित बना रही है। इसका फायदा विश्व हिंदू परिषद को ही मिलेगा।
ऐसे में यूपी सरकार और मुलायम सिंह यादव को विवेक से काम लेना चाहिए। ज्ञानदास ने कहा कि संतों का चातुर्मास चल रहा है और इसमें कोई धार्मिक कार्य करना शुभ नहीं होता। संत तो अपने मठों से बाहर भी नहीं निकलते।
ऐसे में विश्व हिंदू परिषद ने चौरासी कोस की परिक्रमा का नाटक कर प्रदेश का माहौल खराब करने का प्रयत्न किया है। लेकिन, यूपी सरकार ने यदि इस परिक्रमा को रोका तो हिंदू इसे अपने हितों पर कुठाराघात मानेंगे। श्रीमहंत ज्ञानदास ने कहा कि राम मंदिर का मुद्दा समूचे संत जगत और हिंदू समाज से जुड़ा है। कोई संगठन विशेष राम मंदिर नहीं बना सकता।
श्रीमहंत ज्ञानदास ने कहा कि कथित संत आसाराम ने अपने जीवन में ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जिसके आधार पर उन्हें संत कहा जा सके। उनसे जुड़े सभी प्रकरणों की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
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