देहरादून नारी निकेतन में हुए संवासिनियों के यौन उत्पीड़न का मामला हाईकोर्ट में पहुंच गया है। जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट की निगरानी में जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग की गई है।
याची ने नारी निकेतन में रह रही संवासिनियों की स्थिति में सुधार के लिए भी कदम उठाने की अर्जी लगाई है। इस प्रकरण में अगली सुनवाई मार्च में होगी।
मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सुनवाई
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष शुक्रवार को मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता शिवांगी गंगवार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर नारी निकेतन में रह रही संवासिनियों की स्थिति में सुधार के लिए मांग की।
याचिका में कहा कि नारी निकेतन में हुए यौन उत्पीड़न की जांच के लिए हाईकोर्ट की निगरानी में कमेटी गठित की जाए। याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार की ओर से संवासिनियों पर खर्च के लिए 1600 रुपये प्रतिमाह दिया जाता है, जो बहुत कम है। अत: उसे बढ़ाया जाए।
याची ने मानसिक रूप से विक्षिप्त महिलाओं के लिए अलग आवास बनाने तथा राज्य के प्रत्येक जिले में नारी निकेतन खोले जाने की मांग की। खंडपीठ इस मामले की सुनवाई मार्च में करेगी।