लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे उत्तराखंड के उभरते निशानेबाज समरजीत सिंह ने इस साल के सर्वश्रेष्ठ जूनियर निशानेबाज का खिताब हासिल किया है।
राष्ट्रीय हीरो बन गए समरजीत
दिल्ली में आयोजित नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में दून स्कूल के 10वीं के छात्र समरजीत 7 स्वर्ण सहित कुल 14 पदक जीतने में सफल रहे। जसपाल राणा शूटिंग एकेडमी से शूटिंग का पाठ सीखने वाले पौंधा निवासी समरजीत सिंह अब राष्ट्रीय हीरो बन गए हैं।
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बचपन में क्रिकेट के दीवाने समरजीत की शूटर बनने की शुरुआत आठ वर्ष की उम्र में हुई थी। पिता मुकुलजीत सिंह के साथ वे शूटिंग देखने गए थे और इसी दौरान समरजीत ने पहले बार पिस्टल से फायर किया था।
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वर्ष 2009 में करीब 10 वर्ष की उम्र में समरजीत ने पहली बार स्टेट लेवल टूर्नामेंट में एयर पिस्टल का स्वर्ण पदक जीता था। 2013 में यूथ वर्ग में एशियन चैंपियन बनने के साथ ही अब देश के सर्वश्रेष्ठ जूनियर निशानेबाज भी बन गए हैं।
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नई दिल्ली स्थित कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में समरजीत ने ओपन कैटेगरी में सबसे अधिक 9 अंक बटोरे।
समरजीत ने फोन पर बताया कि उन्होंने टूर्नामेंट में सिविलियन और ओपन कैटेगरी में प्रतिभाग किया था। समरजीत की सफलता पर नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने 25 हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया है। यह पुरस्कार केंद्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रदान किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने दी बधाई
समरजीत सिंह की कामयाबी पर विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बधाई दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता में 14 पदक जीतकर समरजीत ने राज्य का नाम ऊंचा किया है।
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वहीं, राष्ट्रीय सीनियर बैडमिंटन प्रतियोगिता में कांस्य पदक विजेता अल्मोड़ा के चिराग सेन को भी गोविंद सिंह कुंजवाल ने बधाई दी है।