समाज के लिए कुछ करना हो तो न उम्र बाधा बनती है और न ही संसाधन, देहरादून के दो बच्चों ने यह सीख समाज को दी है।
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छोटी सी उम्र में समाज के प्रति इनकी चिंता बड़ों को पानी करने वाली है। दून प्रेजीडेंसी स्कूल में कक्षा नौंवी के दो छात्रों कपिल ध्यानी और वैभव प्रधान के मन में आया कि जरूरतमंद अनाथ बच्चों के लिए कुछ करना है तो फिर वे करके ही माने।
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डराने-धमकाने और बहकाने की तमाम कोशिशों के आगे भी वे नहीं हारे। मदद की भावना लिए यह दोनों बच्चे खाली हाथ घर से निकल पड़े। उन्होंने अपने-अपने घरों के पास की कॉलोनियों से चंदा मांगना शुरू किया।
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कपिल बसंत विहार और वैभव प्रेमनगर में रहता है। उन्होंने बताया कि इस दौरान लोगों ने न जाने क्या-क्या कहा लेकिन वे रुके नहीं। उन्होंने अपनी पॉकेटमनी बचाई और आस-पड़ोस से मिलाकर दो हजार रुपये जुटा ही लिए।
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बुधवार को दोनों छात्र अमर उजाला कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने पैसे अनाथ आश्रम में देने की बात कही। इसके बाद दोनों बच्चों ने टर्नर रोड स्थित अपना घर आश्रम में जाकर ‘महादान’ किया।