देहरादून जिले में शराब की दुकानों की बिक्री से सरकार को 2.11 अरब रुपए से अधिक का राजस्व मिलेगा।
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यह रकम पिछले वित्त वर्ष में प्राप्त राजस्व से करीब 40 करोड़ रुपए अधिक है। दुकानों के आवंटन की लाटरी प्रक्रिया देर रात तक चली। अंग्रेजी शराब की दस दुकानें महिलाओं के नाम खुली।
परिचितों के नाम से कई आवेदन
मंगलवार सुबह दस बजे जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम और एसएसपी अजय रौतेला की देखरेख में लॉटरी प्रक्रिया नगर निगम के टाउन हाल में शुरू हुई। कुछ शराब कारोबारी ऐसे भी थे जिन्होंने परिचितों के नाम से कई आवेदन किए थे।
पंद्रह आवेदन स्पष्ट न भरे जाने की वजह से निरस्त कर दिए गए। जिले में अंग्रेजी शराब और बियर की 39, देसी की 31 और बियर की दो दुकानों से सरकार को दो अरब 11 करोड़ 67 लाख 66 हजार 982 रुपए का राजस्व मिला है।
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इसके अलावा 22 हजार 600 आवेदनों से 40 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है। जबकि वर्ष 2013-14 में सरकार को 68 देसी-विदेशी और 2 बियर की दुकानों से 172 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे।
लाटरी प्रक्रिया के दौरान जिला आबकारी अधिकारी एसके कांबोज और एसपी सिटी नवनीत भुल्लर मौजूद थे।
रायवाला सबसे महंगी, त्यूणी सबसे सस्ती
हर साल की तरह इस बार भी रायवाला की अंग्रेजी और देसी दोनों दुकानें सबसे अधिक कीमत पर छूटीं। रायवाला में अंग्रेजी शराब की दुकान 8 करोड़ 59 लाख 69 रुपए और देसी शराब की दुकान 12 करोड़ 25 लाख 52 हजार 134 रुपए में छूटी।
हरिद्वार और ऋषिकेश में ड्राई एरिया होने की वजह से दोनों जगहों से शराब के शौकीन रायवाला पहुंचते हैं। इस वजह से इसकी बिक्री ज्यादा रहती है।
कुल्हाल की देसी शराब की दुकान 26 लाख 43 हजार रुपए और त्यूणी के अंग्रेजी शराब की दुकान 11 लाख 53 हजार रुपए में छूटी।
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हिमाचल में सस्ती शराब होने की वजह से कुल्हाल क्षेत्र के शराब के शौकीन ज्यादातर वहां से शराब खरीदते हैं, इसलिए यहां बिक्री कम होती है।
लाटरी के दौरान हंगामा
लाटरी के दौरान टाउन हाल में अव्यवस्थाओं का आलम रहा। मोहकमपुर की दुकान के लिए किसी और दुकान की पर्चियां पड़ गई। इस पर आवेदकों ने हंगामा किया तो आबकारी विभाग ने गलती सुधारी।
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पटेलनगर की दुकान पर भी यही स्थिति पैदा हुई। स्थिति सुधरने तक काफी देर तक हंगामा होता रहा।
यूपी और दिल्ली की लक्जरी कारें नजर आईं
अंदर सिर्फ उन्हीं लोगों को जाने की अनुमति थी जिन्होंने आवेदन किए थे। नगर निगम परिसर में पूरे दिन यूपी और दिल्ली नंबर की लक्जरी कारें खड़ी रही। कुछ बड़े शराब कारोबारी भी दुकानों की बिक्री के बारे में चर्चा करते नजर आए।