मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को उस दिन का वेतन नहीं दिया जाएगा। प्राथमिक शिक्षकों ने प्रमोशन सहित विभिन्न मांगों पर शुक्रवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया था। इसके बाद शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन ने इन शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश देते हुए कहा कि इन्हें उस दिन का अवकाश भी मंजूर न किया जाए।
बताया सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन
पांडियन ने बताया कि 25 दिनों के शीतकालीन अवकाश के बाद 15 जनवरी को स्कूल खुले थे, लेकिन प्राथमिक शिक्षकों ने व्यक्तिगत मांगों के समर्थन में स्कूलों को बंद कर मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर धरना दिया।
इससे स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई और बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा और मिड डे मील से वंचित रखना सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।