इस दौरान लगभग दो घंटे का समय बर्बाद हो गया, जिससे प्रमोद की हालत बिगड़ती गई। दोपहर करीब एक बजे एंबुलेंस गुप्तकाशी-बसुकेदार मार्ग से अगस्त्यमुनि के लिए रवाना हुई, पर यहां भी जाम लगने से करीब एक घंटे बर्बाद हो गया।
जाम खुलने के बाद एंबुलेंस कुछ किमी ही आगे बढ़ी थी और खराब हो गई। एंबुलेंस के स्टॉफ ने सीएचसी अगस्त्यमुनि में संपर्क कर दूसरी एम्बुलेंस मंगाई। करीब दो घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस वहां पहुंची। शाम करीब चार बजे प्रमोद सीएचसी अगस्त्यमुनि पहुंच सका, लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर, राष्ट्रीय राजमार्ग सेमी-भैंसारी में ठीक होता तो मरीज को अस्पताल पहुंचाने में एक घंटे से भी कम समय लगता, जिससे समय पर इलाज मिलने से जान बच सकती थी।
केदारनाथ विस के पूर्व विधायक मनोज रावत, जिला पंचायत सदस्य गणेश तिवारी, विनोद राणा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रीता पुष्पवाण आदि का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी केदारघाटी को जोड़ने वाले हाईवे और संपर्क मोटर मार्ग बदहाल पड़े हैं। जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।