फर्जी आईएएस बनकर IAS अकादमी में रहने वाली रूबी चौधरी की तबीयत पुलिस रिमांड के तीसरे दिन अचानक बिगड़ गई। उसने शरीर का आधा हिस्सा सुन्न होने की शिकायत की।
शुरुआत में पुलिस और एसआईटी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। इस पर रूबी और उसके अधिवक्ता ने थाने में जमकर हंगामा किया।
इसके बाद पुलिस उसे दून अस्पताल ले आई। यहां भर्ती करने के बाद रूबी का सीटी स्कैन और एक्सरे कराया गया। देर शाम रिपोर्ट नार्मल आने के बाद रूबी को छुट्टी दे दी गई।
एसआईटी बुधवार को रूबी चौधरी को लेकर प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान नैनीताल गई थी। देर रात दो बजे टीम रूबी को लेकर दून लौटी और सीधे राजपुर थाने पहुंची। अधिवक्ता अरुण खन्ना भी रूबी के साथ थे।
पुलिस ने किया अनदेखा तो बिफरी रूबी
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े सात बजे जगते ही रूबी ने शरीर का आधा हिस्सा सुन्न होने की बात कही। उसका कहना था कि वह उठ नहीं पा रही है।
पुलिस ने उसकी बात अनसुनी की तो वह गुस्सा गई। रूबी और अधिवक्ता खन्ना ने थाने में हंगामा कर दिया। खन्ना ने पुलिस पर रूबी को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। खन्ना ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।
अधिकारियों के निर्देश के बाद एसआईटी और राजपुर पुलिस 11 बजे रूबी को लेकर दून अस्पताल पहुंची। यहां फिजीशियन डा. मुकेश सुंदरियाल ने उपचार शुरू किया। रूबी का एक्सरे और सीटी स्कैन कराया गया।
दोपहर बाद डॉ. सुंदरियाल ने बताया कि रिपोर्ट नार्मल हैं, लेकिन रूबी का शरीर का कुछ हिस्सा सुन्न है। हालांकि मौसम में बदलाव और मांसपेशी में खिंचाव इसकी वजह हो सकता है।
पुलिस को पूछताछ की जल्दी, हंगामा
एसआईटी चाहती थी कि रूबी को जल्द से जल्द अस्पताल से ले जाया जाए। दोपहर बाद रिपोर्ट नार्मल आते ही एसआईटी और पुलिस अधिकारियों ने चिकित्सकों से बातचीत की और रूबी को ले जाने की बात कही। लेकिन डॉक्टरों ने रूबी के सामान्य होने तक उसे ले जाने की इजाजत नहीं दी।
इस बीच रूबी के अधिवक्ता अरुण खन्ना ने फिर हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि उनकी मुवक्किल की तबीयत खराब होने के बावजूद पुलिस मानवीय पहलू की अनदेखी कर रही है। हालांकि, देर शाम डॉक्टरों ने रूबी को अस्पताल से छुट्टी दे दी।
अस्पताल में पुलिस का घेरा
रूबी के अस्पताल पहुंचते ही पुलिस उपाधीक्षक नगर मनोज कत्याल और कोतवाली इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट फोर्स लेकर अस्पताल पहुंच गए थे। दिनभर अस्पताल में पुलिस तैनात रही। देर शाम तक पूरे अस्पताल की घेराबंदी कर ली गई थी।