गुप्ता बंधुओं की शादी के बाद औली में फैले कूड़े को बृहस्पतिवार को देहरादून लाया गया। औली से आए लगभग 16.5 टन कूड़े की यह पहली खेप है। इसे शीशमबाड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में निस्तारित किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार औली से अभी और भी कूड़ा शीशमबाड़ा प्लांट में लाया जा सकता है।
जून में औली में कारोबारी गुप्ता बंधुओं का भव्य शादी समारोह आयोजित किया गया था। करीब एक सप्ताह तक चले इस समारोह के बाद कार्यक्रम स्थल के चारों जो कूड़े के ढेर लग गए थे। डेस्टिनेशन वेडिंग के जरिए उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा दिए जाने को लेकर पहले सरकार की प्रशंसा हुई, लेकिन समारोह के समाप्त होने के बाद कूड़े को देखकर आलोचना भी होने लगी। कूड़े का मामला जब सुर्खियों में आया तो गुप्ता परिवार ने इसे निस्तारित करने के लिए नगर पालिका जोशीमठ को 28 लाख रुपये भी दिए थे।
बावजूद इसके वहां पर इतना व्यापक काम नहीं हो पाया। मामले का उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया तो इसे निस्तारित करने के लिए कदम बढ़ाया गया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कैलाश जोशी ने बताया कि बृहस्पतिवार को औली से 16.5 टन कूड़ा शीशमबाड़ा प्लांट पहुंचा है। प्लांट के प्रोजेक्ट हेड मोहित द्विवेदी ने बताया कि इस कूड़े को निस्तारित करने के लिए लगभग चार दिन का समय लगेगा। यदि यहां और भी कूड़ा आता है तो उसके लिए भी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शीशमबाड़ा तैयार है।