अब तक की जांच में ड्रग विभाग को पता चला है कि ये लोग नकली दवाएं वेस्ट यूपी के शहरों से लाकर नामी कंपनी के नाम से उसे फैक्टरी के अंदर पैकिंग करते थे। इसके बाद वेस्ट यूपी समेत अन्य प्रदेशों में दवा सप्लाई करते थे। जांच में यह भी पता चला है कि नकली दवा बनाने और बिक्री करने वालों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। ये लोग कहां-कहां दवा सप्लाई करते हैं, इसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।
कंपनी की शिकायत पर खुला राज
पेट के गैस की दवा बनाने वाली एक नामी कंपनी के अधिकारियों को पिछले काफी समय से शिकायत मिल रही थी कि रुड़की क्षेत्र में उनकी कंपनी के नाम से नकली दवाएं बाजार में बेची जा रही हैं। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने अपने स्तर से पूरे मामले की जांच की। जांच में पुष्टि होने के बाद उन्होंने देहरादून और हरिद्वार ड्रग विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद इस राज से पर्दा उठा।
आवास विकास भी पहुंची टीम
फैक्टरी पर कार्रवाई के बाद पता चला कि फैक्टरी का ऑफिस आवास विकास कॉलोनी में है। यहां से पूरा लेनदेन का काम चलता है। इसके बाद टीम आवास विकास कॉलोनी में फैक्टरी के ऑफिस में पहुंची और दस्तावेज खंगाले। बताया जा रहा है कि यहां टीम को कुछ नहीं मिला।
सप्लाई करने वाला भगवानपुर से धरा
ड्रग इंस्पेक्टर के अनुसार, फैक्टरी से जिन छह लोगों को पकड़ गया, उन्होंने पूछताछ में बताया कि भगवानपुर क्षेत्र निवासी एक युवक दवा सप्लाई करता है। टीम ने पकड़े गए एक युवक से उसे फोन कराया और भगवानपुर टोल प्लाजा के पास आने की बात कही। इस पर सप्लाई करने वाला युवक टोल प्लाजा पहुंचा तो टीम ने उसे पकड़ लिया और रुड़की ले आई।
बता दें कि इसी साल दो मार्च को रुड़की में ही दिल्ली से आई विजिलेंस और स्थानीय ड्रग विभाग की टीम ने चुड़ियाला में भाजपा नेता के भाई की नकली दवाई बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। टीम ने उनके घेर (पशुशाला) से 50 पेटी नकली दवाएं और कई नामी कंपनियों के रैपर बरामद किए थे।
इसके साथ हीचार मशीनों को कब्जे में लेकर दवाओं को सील कर दिया था। जांच में सामने आया था कि स्थानीय भाजपा नेता एवं जनप्रतिनिधि के भाई ने सहारनपुर और फिरोजाबाद निवासी दो युवकों के साथ पार्टनरशिप में गांव में ही दवा कंपनी खोली थी। दिल्ली विजिलेंस टीम को इसकी सूचना मिली थी। इसके बाद छापा मारा तो टीम ने गोदाम से नामी कंपनियों के नाम से बनी विटामिन और कैल्सियम टैबलेट बरामद की थीं।